March 6, 2026

इंदौर में टेरेस फलोर के नाम पर 434 अवैध पेंट हाउस

कलेक्टर की जांच में खुलासा नगर निगम ने सौंपी पेंट हाउस की सूची| कहीं होटल रेस्टोरेंट तो घर बन गए पेंट हाउस

शहरभर में प्रदेश का सबसे बड़ा टेरेस फलोर यानि पेंट हाउस घोटाला सामने आया है। सैकडों  बिल्डीगों में बिल्डरों ने अपने निजी फायदे के लिए सारे नियमों को दरकिनार कर बिल्डींग की छत टेरेस फलोर को ही पेंट हाउस के नाम पर व्यवसायिक उपयोग के लिए किराए पर दे डाले। ऐसे 434 पेंट हाउस कलेक्टर की जांच में सामने आ गए हैं। डीबी स्टार ने पड़ताल की तो सामने आया भवन का नक्शा मंजूर कराते समय ही नियम है की  बिल्डींग की छत पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। टेरेस फलोर के नाम पर मनमानी का खेल चल रहा है। बिल्डर टेरेस फलोर के नाम पर पेंट हाउस बना कर उसका कमर्शियल उपयोग शुरू हो गया।  कलेक्टर ने पूरे शहर की बिल्डींगो की छत का व्यवसायिक उपयोग होने के मामले में नगर निगम कमिश्नर से बिल्डीगों में अवैध रूप से बने पेंट हाउस की जानकारी मांगी थी। इसमें टेरेसे फलोर के नाम पर इन  अवैध पेंट हाउस का खुलासा हो गया है। अब निगम इन्हे नोटीस देकर तोड़ने की कार्रवाई करेगा।

इंदौर शहर में 434 बिल्डीगों की छत पर  टेरेस फलोर के स्थान पर अवैध पेंट हाउस कलेक्टर की जांच में सामने आए हैं। हाई राइज और मिड राइज बिल्डींगों में मेंटेनेंस से संबंधित सामान रखने के लिए छत का यानि टेरेस फलोर का उपयोग हो सकता है। इसकी छत बिल्डींग मेंटेनेसे के लिए टेरेस फलोर के नाम से जगह आरक्षीत रखी जाती है। इसके अतिरिक्त कोई भी उपयोग नहीं किया जा सकता। बिल्डरों ने सारे नियमों को बलाए ताक रख कर बिल्डींग की छत का पेंट हाउस के नाम से  व्यवसायिक उपयोग के लिए किराए पर दे डाले। जबकि नियमानुसार राज्य शासन ने पेंट हाउस के निर्माण को ही अवैध माना है। इसके बावजूद बिल्डर कई बिल्डीगों में पेंट हाउस बना कर लाखों रूपए हर माह किराया वसूल रहे हैं। पेंट हाउस की रजिस्ट्री करने पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है। इसलिए इससे राज्य शासन को भी किसी तरह का रेवेन्यू नहीं मिलता। कलेक्टर ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश देकर नगर निगम से शहर की सारी बिल्डींगो की जानकारी मांगी इसमें 434 बिल्डीगों की असलियत सामने आ गई है। अब इन सभी को नगर निगम नोटिस देकर बिल्डींग की छत टेरेस फलोर से  अवैध पेंट हाउस हटाने के निर्देश देगा नहीं हटने पर इन्हे तोड़ दिया  जाएगा। 

डीबी स्टार ने पड़ताल की तो सामने आया टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियम मुताबिक यह बिल्डींग की छत के हिस्से में कोई पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता। केवल बिल्डींग के मेंटेनेंस से संबंधित सामान रखने के लिए ही इस एरिए का उपयोग किया जा सकता है। नगर निगम से भी जब बिल्डींग का नक्शा पास होता है तो इसकी छत बिल्डींग मेंटेनेसे के लिए टेरेस फलोर के नाम से जगह आरक्षीत रखी जाती है। लेकिन शहर में जितनी कमर्शियल बिल्डींगों के नक्शे पास हुए हैं इसमें नगर निगम की मिलीभगत से छत पर पेंट हाउस की अनुमति जारी कर दी है।

15 जोन 434 पेंट हाउस टरेस फलोर  पर बन गए होटल रेस्टोरेंट

इंदौर के 15 जोन में 434 अवैध पेंट हाउस सामने आए हैं। बिल्डर टेरेस फलोर के नाम पर पेंट हाउस बना कर उसका कमर्शियल उपयोग कर लाखों रूपया किराया  वसूल रहे हैं। कई बिल्डींगो की छत पर रेस्टोंरेंट और होटल तक खुल चुके हैं। यहां सारी व्यवसायिक गतिविधीयां हो रही हैं। निगम अफसरों की जानकारी में होने के बावजूद मिली भगत के चलते अफसर कार्रवाई से बच रहे हैं।

दो स्तर की जांच में हुआ खुलासा

कलेक्टर आकाश त्रिपाठी के निर्देश् पर इसमें दो स्तर पर जांच शुरू हुर्ह है जहां 2008 से पहले  बिल्डीगों की अनुमति हुई उसमें पेंट हाउस की अनुमति दी गई तो उसका क्या उपयोग हो रहा है वहीं 2008 के बाद जो बिल्डींग परमिशन में पेंट हाउस का निर्माण् हुआ है तो इसका का क्या उपयोग हो रहा है। राज्य शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बिल्डींगों में पेंट हाउस के निर्माण को अवैध माना है।

टीएनसी के नियम तोड़े रजिस्ट्री नहीं हो सकती, निर्माण् होता है तो अवैध है

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमानुसार सर्विस प्रोवाइडर या मेटेनेंस के उपयोग के लिए बिल्डींग की छत पर टेरेस फलोर बना कर बिल्डींग का चौकीदार लिफट मैन अपना सामान रख सकता है। इसकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती। रजिस्ट्री न होने से सरकार को रेवेन्यू भी नहीं मिलता। इसलिए यहां निर्माण अवैध माना गया है। 

 पेंट हाउस है बिल्डरों की अवैध कमाई का जरिया

बिल्डींग की छत की पर निर्माण करने की अनुमति नहीं है क्योंकि निर्माण होगा तो कोई गतिविधी होगी। इसलिए प्रदेश सरकार ने पेंट हाउस की रजिस्ट्री पर पाबंदी लगा रखी है। रजिसस्ट्री पर पाबंदी होने से सरकार को करोड़ों रूपए का राजस्व नहीं मिलता। लेकिन बिल्डर निगम में सांठ गांठ कर छत पर पेंट हाउस बना कर कमर्शियल गतिवीधी के लिए किराए से देकर लाखों रूपए माह का किराया कमा रहे हैं।

पेंट हाउस के नाम पर व्यवसायिक गतिविधी मिली तो बिल्डीग परमिशन कैंसल

कलेक्टर आकाश त्रिपाठी के निर्देश पर 2008 से पहले जिन बिल्डींगों के नक्शे मंजूर हुए है और 2008 के बाद जिनके मंजूर किए गए हैं। ऐसी बिल्डींगो की सूची बनाई जा रही है। सूची बनने के बाद इनकी मौके पर जांच होगी। बिल्डींग में छत पर निर्माण् कर कोर्ई व्यवसायिक गतिविधी चलती मिली तो बिल्डींग का नक्शा ही निरस्त कर दिया जाएगा। 

पेंट हाउस अवैध हैं हम कार्रवाई कर रहे हैं

हरभजन सिंह सिटी इंजीनियर नगर निगम

शहरभर में की बिल्डींगों की छत पर टेरेस फलोर की जगह कितने अवैध पेंट हाउस हैं ?

– करीब 434 अवैध पेंट हाउस हैं

434 पेंट हाउस में व्यवसायिक गतिविधीयां चल रही हैं ?

– हां जहां भी चल रही हैं सभी पर कार्रवाई होगी।

कई  हाई राइज और मीड राइज बिल्डीगों में छत का हिस्सा बिल्डर पेंट हाउस के रूप में बना कर उपयोग कर रहे हैं ?

– यह उपयोग  ही गलत हो रहा है

पेंट हाउस के नाम पर  व्यवसायिक इमारतों में तो बिल्डर ने छतों को ही किराए पर दे दिया और लाखों रूपए किराया कमा रहे हैं ?

– इन सभी पर कार्रवाई होगी।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमों के मुताबिक बिल्डींग की छत का उपयोग सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर, लिफट मैन या बिल्डींग मेंटेनेस का सामान रखने के लिए होगा ?

– बिल्कुल सही है

कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने निर्देश् पर 434 पेंट हाउस की जानकारी सामने आई है ?

– हां हमें निर्देश मिले हैं हमने जानकारी निकाल ली है।

पेंट हाउस के मामले में कार्रवाई होगी

हमने नगर निगम से शहर भर की बिल्डींगो में अवैध पेंट हाउस की जानकारी मांगी है डिटेल आते ही इन सभी पर कार्रवाई कर देंगे। आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर

Written by Xpose Today News

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