एक्सपोज़ टुडे।
इंदौर के थाना चंदन नगर में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड पहले से बिगड़ा हुआ रहा है। पूर्व टीआई के सामने भी इनकी अवैध वसूली का मामला आ चुका है। सिपाही योगेश को पूर्व में चंदन नगर थाने के टीआई रहते मनीष मिश्रा ने लेनदेन के एक मामले में पकड़ा था। उस समय रोजनामचे में थाने के योगेश, थाने के ड्राइवर और एक अन्य पुलिसकर्मी का नाम भी नोट किया गया। तत्कालीन टीआई मिश्रा ने एक प्रतिवेदन बनाकर भी अफसरों को दिया। लेकिन अफसरों ने कार्रवाई नहीं की। इधर, टीआई मिश्रा के ट्रांसफर होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चले गया।
अभी लूटे 14 लाख लेकिन शिनाख्त परेड में धराए।
लुटेरे सिपाहियों का ताज़ा कारनामा जो चर्चाओं में है वह इस प्रकार है।
इंदौर में पंजाब ट्रेवल्स की बस से 14 लाख रुपए की हेराफेरी के मामले में चंदन नगर पुलिस के ही दो पुलिसकर्मियों पर जांच बैठ गई। बताया जाता है कि दोनों ने बस को चैकिंग के लिए रोका और उसमें से एक पार्सल उठा ले गए। शिकायत के बाद जब चंदन नगर पुलिस ने ड्रायवर से पूछताछ की। तब ड्राइवर ने ही इस बात का खुलासा किया।
हालांकि दोनों पुलिसकर्मियों ने रुपए अपने पास नहीं होने की बात कही है। इधर, बुधवार देर रात तक पूछताछ के बाद दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया। डीसीपी राजेश सिंह ने दोनों पर कार्रवाई की बात कही है।
चंदन नगर थाने पर 25 दिसंबर को अंकित जैन निवासी स्कीम नंबर 71 ने शिकायत दर्ज कराई। कहा कि आईटी पार्क जवाहर टेकरी पर 23 दिसंबर की रात पंजाब ट्रेवल्स की बस नंबर AR-11-D-5686 के ड्राइवर को भाविक पटेल ने बंद पैकेट दिया। इसमें 14 लाख रुपए रखे थे।
भाविक ने कहा कि इसे अहमदाबाद के कन्हैयालाल पटेल को देना है। दो दिन बाद 25 दिसबर को कन्हैयालाल पटेल ने अंकित को बताया कि बस ड्राइवर ने उन्हें काेई रुपए नहीं दिए। इसके बाद ड्राइवर का मोबाइल पर कॉल किया तो वह बंद मिला। इस मामले में ड्राइवर तिवारी को बुधवार को सिपाही थाने लेकर आए।
ड्रायवर ने कहा सिपाही ने लिया पार्सल, कराई शिनाख्त
ड्राइवर जब थाने पहुंचा तो उसने टीआई इंद्रमणि पटेल के सामने कहा कि उसकी बस पर दो सिपाही आए और पार्सल उठाकर ले गए। इस पर वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी गई। थाने पर सभी को बुलाकर शिनाख्त कराई गई। इस दौरान ड्राइवर ने दोनों सिपाही दिनेश और योगेश की पहचान की। दोनों से अफसर ने गुरुवार देर रात तक पूछताछ करते रहे। लेकिन उन्होंने रुपए अपने पास होने की बात से इंकार कर दिया।
दोनों सिपाही 14 लाख रुपए को हवाले का रूपया समझ रहे थे। लेकिन व्यापारिक लेनदेन के चलते जैन ने थाने में शिकायत कर दी और सिपाही धरा गए।
