Xpose Today News
इंदौर देवास बायपास पर डकाचया से अर्जुन बड़ौदा के बीच लगे महाजाम में सैंकड़ों गाड़ियाँ फँसी। तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस प्रशासन की नींद टूटी। एसी कमरों में बैठे अफसर बायपास की तरफ दौड़ पड़े।
हकीकत यह है की 8 माह से लोग यहां परेशान होते रहे लेकिन प्रशासन के किसी अफसर ने ध्यान ही नहीं दिया।
एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे अर्जुन बड़ौदा फ़्लाइ ओवर का काम 18 जनवरी 2023 को शुरू हुआ। इसे 17 जुलाई 2024 तक पूरा होना था।लेकिन अब तक केवल 40 प्रतिशत ही काम हुआ है। यानि तय समय सीमा में काम नहीं हुआ। फिर भी न तो जिला प्रशासन और एनएचएआई ने इस पर ध्यान दिया।
एडिएम, एसडीएम बायपास पर सुबह से अमला लेकर पहुंच गए। सवाल यह है की जाम की नौबत ही क्यों आई। प्रशासन दुघर्टना के बाद ही सक्रिय क्यों होता है।
सुबह से से ही जिला प्रशासन, पुलिस, यातायात पुलिस, होमगार्ड, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी कॉलर बचाने में लगे रहे।
दूसरे दिन फोटो बाजी के लिए सारे अधिकारी मैदान में आ गए।
8 माह से कहां थे अफसर
अर्जुन बड़ौदा का पुल कल से बनना शुरू नहीं हुआ वह तो बहुत पहले से बन रहा है।8 माह से जाम लग रहा है। लेकिन साहब बहादुरों की कभी नज़रें इनायत ही नहीं हुई। लोग कई माह से गड्डे कूद कर जा रहे है। लेकिन तब न तो एनएचएआई न जिला प्रशासन न पुलिस ने ध्यान दिया। हर विभाग अपनी ज़िम्मेदारी से बचता रहा।
32 घंटे का शर्मनाक जाम
इंदौर देवास बायपास पर डकाचया से अर्जुन बड़ौदा के बीच लगे महाजाम में पुलिस जाम खुलवाने की बजाय वीडियो बना रही थी। ट्रेफ़िक के जवान बाइक पर बैठकर मोबाइल में रील देख रहे थे।
यह है जाम का कारण
एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे अर्जुन बड़ौदा फ़्लाइ ओवर का काम 18 जनवरी 2023 को शुरू हुआ। इसे 17 जुलाई 2024 तक पूरा होना था।लेकिन अब तक केवल 40 प्रतिशत ही काम हुआ है। इसे सतना की मल्होत्रा बिलडकॉन बना रही है। इसी तरह मांगलिया रेल ओवर ब्रिज का काम 12 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ साल के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन अब तक केवल 30 प्रतिशत ही बना है। 8 जून से रोड ब्लॉक किया है।
बहाने बाज एनएचएआई नाकारा पीडब्ल्यूडी
एनएचएआई के अफसर बहाने बाजी कर रह रहे हैं हड़ताल के कारण काम में देरी हो रही है। बारिश के कारण दिक़्क़त हुई। काम में देरी होने पर एनएचएआई ने ठेकेदार को नोटिस दिया क्या ? पीडब्ल्यूडी की नाकारा गैंग ने कभी ध्यान नहीं दिया जबकि एजेंसी पीडब्ल्यूडी है।
