इंदौर। इंदौर शहर में जल्द ही प्राइवेट क्लिनिक खुल जाएंगे। प्रशासन ने सभी डॉक्टर्स को अपनी क्लिनिकों की साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए क्लीनिक खोलने की अनुमति दे दी है। हालाँकि शहर के कंटेनमेंट एरिया में कोई भी क्लीनिक नही खुलेगा। वहीँ अगर किसी क्लीनिक का कोई कर्मचारी कटेनमेंट एरिया में रहता हो तो उसे क्लीनिक में कार्य करने की अनुमति नहीं होगी।
दरअसल इंदौर के नेहरू स्टेडियम में प्रशासन में सभी प्राइवेट क्लीनिकों के डॉक्टरों की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह के अलावा सासंद शंकर लालवानी भी विशेष रूप से मौजूद थे। इनके अलावा बैठक में इंडियन मेडिकल एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉ। सतीश जोशी तथा अन्य पदाधिकारी, डॉ निशांत खरे, चन्द्रमौलि शुक्ला तथा रोहन सक्सेना भी मौजूद थे।
बैठक में सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर में लगातार स्थिति सुधर रही है। अभी भी बहुत कार्य करने की जरूरत है। कोरोना को पूरी तरह समाप्त करने में चिकित्सकों की अहम भूमिका है। चिकित्सक स्वयं का ध्यान तो रखें ही समाज का भी ध्यान रखें। कोरोना से निपटने में केन्द्र सरकार आपके साथ है।
वहीँ कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि प्राइवेट क्लिनिक जल्द ही खोले जायेंगे। शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जायेगा। सभी डॉक्टरों को क्लिनिक खोले जाने के संबंध में गाइड लाइन का पूरा पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि सभी एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, युनानी आदि चिकित्सा पद्धति के क्लिनिक खोले जाना है। उन्होंने सभी डॉक्टरों से कहा कि इंदौर के हित में है कि सभी प्राइवेट क्लिनिक खुलें। क्लिनिक में स्वयं तथा आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य सुरक्षा रहे। निर्धारित मापदण्डों का पालन हो। सभी को इलाज की सुविधा मिले।
कलेक्टर ने चिकित्सकों से कहा कि वे अपने-अपने क्लीनिकों में सेनेटाइजेशन की समुचित व्यवस्था रखें। क्लीनिक को प्रतिदिन सेनेटाइज करें। क्लीनिक में आने वाले मरीजों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाए। क्लीनिक में फोन पर अपाइमेंट लेने वाले मरीजों को प्राथमिकता से देखें। एक समय में चार से अधिक मरीजों को एकत्र नहीं होने दें। सर्दी, खाँसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी एप में जरुर दर्ज करें। क्लीनिक में आने वाले सभी मरीजों का थर्मल गन से तापमान लें। साथ ही ऑक्सीमीटर से उनका ऑक्सीजन लेवल भी देखें।
इस अवसर पर बताया गया कि सभी चिकित्सक अपनी तथा अपने स्टॉफ की जानकारी एप में रजिस्टर्ड करें जिससे कि उन्हें प्रधानमंत्री कोविड बीमा योजना के अंतर्गत शामिल किया जा सके। संभव होने पर क्लीनिक में आने वाले मरीजों की जानकारी का रजिस्टर भी संधारित किया जाये। मरीजों को पूर्व अपाईटमेंट के आधार पर ही क्लीनिक में आने की अनुमति प्रदान जायेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर में नगर निगम के झोनवार लगभग 20 फीवर क्लिनिक खोले जा रहे है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी 25 फीवर क्लिनिक खोले जायेंगे।
बैठक में डॉ निशांत खरे ने कहा कि इंदौर में शुरूआत में कोरोना की स्थिति काफी चिंताजनक थी। अब स्थिति में सुधार आ रहा है। कोरोना की मृत्युदर कम हो रही है। रिकवरी रेट भी बेहतर हो रहा है। अभी हमें सर्वेलेंस के लिये सजग रहना होगा। सभी डॉक्टर्स कोरोना के संघर्ष में सहभागी बने।
