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इंदौर के एक सीनियर सिटीज़न को डिजीटल अरेस्ट कर 40 लाख रूपए ट्रांसफ़र करा लेने वाले एक कथित सीबीआई अफसर को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात से धरदबोचा है।
इंदौर में हुई सीनियर सिटीज़न से डिजीटल अरेस्ट कर 40 लाख रूपए की ठगी करने वाली कथित सीबीआई अफ़सरों की गैंग को क्राइम ब्रांच सरगर्मी से तलाश रही थी।
क्राइम ब्रांच इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर के रहने वाले 71 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति ने NCRP पोर्टल पर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है।
2 करोड़ 60 लाख के लेनदेन में कमीशन का आरोप
घटनाक्रम के इस प्रकार है 3 सितंबर 2024 को सुबह करीब 10 बजे सीनियर सिटीज़न के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपने मुंबई में कैनरा बैंक से 2 करोड़ 60 लाख रुपए का री-ट्रांजेक्शन किया है। उसने यह भी कहा कि वह बांद्रा पुलिस स्टेशन से बोल रहा है, उसने अपना नाम नहीं बताया। आरोपी ने कहा कि इस 2 करोड़ 60 लाख रुपए के री-ट्रांजेक्शन के बदले में आपको 15 प्रतिशत कमीशन आपके खाते में ट्रांसफर किया गया है।
इसके बाद आरोपियों ने दबाव डालकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की फर्जी कॉपी और अन्य कई दस्तावेज भेजे। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों के आधार पर आपको गिरफ्तार किया जा सकता है और पुलिस व CBI आपको अरेस्ट करने आने वाली है।
“पीड़ित उन्हें बताया कि उनका मुंबई में ऐसा कोई बैंक अकाउंट या ट्रांजेक्शन नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने कहा दबाव डाला और कहा कि कैनरा बैंक के एक ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार करने के बाद उसके घर से कई फर्जी पासबुक मिली हैं, जिनमें से एक पासबुक आपके नाम की भी पाई गई है।
हमारे साहब से बात कर सेटलमेंट कर लो
यह सुनकर पीड़ित घबरा गए। उन्होंने आरोपियों से कहा कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया है। इस पर आरोपियों ने कहा कि यदि आप इस केस से बचना चाहते हैं तो हमारे CBI अधिकारी से रिक्वेस्ट करें। वह मामले की जांच करेंगे और यदि आपको निर्दोष पाया गया तो केस से मुक्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने CBI अधिकारी का नाम आकाश कुलकर्णी बताया। बांद्रा पुलिस अधिकारी ने फरियादी को तुरंत आकाश कुलकर्णी से कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात कराई। इसके बाद आकाश कुलकर्णी ने फरियादी से उनके बैंक खातों की जानकारी ली।
फ़र्ज़ी सीबीआई अफसर ने रूपए ट्रांसफ़र करा लिए
आकाश कुलकर्णी ने कहा कि आपके खाते में आए कमीशन की राशि की जांच करने के लिए आपको अपने बैंक खातों से पूरी रकम RBI के खातों में जमा करनी होगी। हमारी टीम उस राशि की जांच कर उसे वेरिफाई करेगी। यदि उसमें कोई फ्रॉड नहीं पाया गया तो आपकी पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।
फरियादी काफी डर गए थे। इसी वजह से उन्होंने अपनी एफडी तुड़वाकर और अपने बैंक खाते में जमा रकम सहित अलग-अलग बार में कुल 40 लाख 70 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उनके खाते में कोई पैसा वापस नहीं आया तो उन्हें समझ आ गया कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई।”
पहले हो चुकी दो गिरफ़्तारी
इस मामले में पहले गुजरात से हिम्मत भाई देवानी निवासी सूरत और अतुल गिरी गोस्वामी निवासी कच्छ को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपियों को गिरफ्तार किया है
“मामले में फरार चल रहे आरोपी पीयूष परमार निवासी सूरत (गुजरात) को क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर की सूचना और साइबर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन ठगी के लिए गैंग को बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।”
राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी क्राइम इंदौर महानगर
