March 7, 2026

डीएचबीवीएन की लापरवाही पर आयोग सख्त, उपभोक्ता को 5 हजार रुपये मुआवज़ा देने के निर्देश।

Xpose Today News 
चंडीगढ़, 17 अप्रैल – हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में बिजली विभाग की खामियों के चलते शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। सिरसा निवासी श्री रघबीर सिंह ने आयोग को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने औद्योगिक विद्युत कनेक्शन लेने के बाद निर्धारित सब्सिडी के लिए आवेदन किया था, परंतु निगम द्वारा उन्हें यह लाभ प्रदान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने सब्सिडी के लिए सभी पात्रताएं पूरी की थीं। उनका कनेक्शन 20 किलोवाट से कम लोड का है और इकाई ‘सी’ श्रेणी खंड में आती है।
आयोग के प्रवक्ता ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आयोग की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता श्री रघबीर सिंह, जो कि एक औद्योगिक इकाई के संचालक हैं, विद्युत सब्सिडी के पूर्णतः पात्र हैं। उनकी इकाई ‘सी’ श्रेणी खंड में आती है तथा कनेक्शन का लोड 20 किलोवाट से कम है, जो कि निर्धारित सीमा के भीतर आता है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा दिनांक 29 जुलाई 2024 को जारी पत्र का हवाला देकर शिकायतकर्ता की पात्रता को नकारा गया और पूर्व प्रभाव से नई शर्तें थोप दी गईं, जो आयोग के अनुसार न केवल प्रशासनिक रूप से गलत, बल्कि कानूनी रूप से भी अमान्य हैं। शिकायतकर्ता को अनेक बार एस.डी.ओ. कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े, जिससे उन्हें अत्यधिक मानसिक परेशानी हुई।
आयोग ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता पर किया गया चार्जबैक निरस्त करे और दिनांक 21 दिसंबर 2018 या विद्युत कनेक्शन की तिथि (जो भी बाद में हो) से 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बकाया सब्सिडी जारी करे। यह समस्त कार्यवाही 28 अप्रैल 2025 तक पूर्ण की जाए।
इसके अतिरिक्त, हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(एच) के अंतर्गत शिकायतकर्ता को पाँच हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए, जो निगम अपने स्वयं के कोष से देगा और संबंधित दोषी अधिकारियों से वसूली करने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
Written by XT Correspondent

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