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इंदौर में दिल्ली पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई और उज्जैन रोड पर बनी कॉलोनी एमरल्ड सिटी से महिला और पुरूष सब इस्पातों गिरफ्तार कर लिया।दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर, अंकुर मलिक, और एक महिला सब-इंस्पेक्टर, नेहा पूनिया, लापता थे और उन पर धोखाधड़ी का आरोप है। वे कथित तौर पर साइबर अपराध में फ्रीज किए गए खातों से करोड़ों रुपये निकालकर फरार हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों की तलाश में एक टीम भेजी थी और उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
दिल्ली पुलिस के दो सब-इंस्पेक्टर, अंकुर मलिक और नेहा पूनिया, 15 दिन से ज्यादा समय से लापता थे। अंकुर मलिक नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के साइबर थाने में तैनात थे, जबकि नेहा पूनिया शाहदरा जिले के जीटीबी एनक्लेव थाने में तैनात थीं। पुलिस जांच में पता चला कि दोनों ने तीन साइबर केस में फ्रीज किए गए बैंक खातों से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये निकाले थे। इसके बाद, दोनों शादीशुदा होने के बावजूद, अपनी पत्नियों और पतियों को छोड़कर एक साथ फरार हो गए थे।
दिल्ली पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की और आखिरकार, उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से 12 लाख रुपये नकद, 820 ग्राम सोने के सिक्के और बार, 200 ग्राम सोने के आभूषण, 11 स्मार्ट फोन, एक लैपटॉप, तीन एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी शादीशुदा थे, लेकिन अपनी पत्नियों और पतियों को छोड़कर एक साथ भाग गए थे।
इस मामले में, दिल्ली पुलिस की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। यह घटना 2021 बैच के सब-इंस्पेक्टरों द्वारा की गई है। दोनों को चार महीने की मशक्कत के बाद पकड़ा गया है।
