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मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेल होने से 11 बच्चों की मौत के मामले में इंदौर में बनी डिफ्रॉस्ट सिरप को बाजार से वापस बुलाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।”
“लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इंदौर की आर्क फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के खिलाफ कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर डिफ्रॉस्ट सिरप बैच नं. 11198 को बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, औषधि महानियंत्रक (भारत सरकार) और संबंधित राज्यों हिमाचल प्रदेश एवं तमिलनाडु के औषधि नियंत्रकों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।” जबकि कोल्ड्रिफ (Coldrif) और नेक्स्ट्रो-डीएस (Nextro-DS) कफ सिरप पर बैन लग चुका है।
राज्य सरकार ने जारी की एडवाइज़री
“मध्यप्रदेश सरकार ने सभी औषधि निर्माताओं, निरीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों के डीन को एडवाइजरी जारी की है। इसमें क्लोरफेनिरामाइन मलेट (Chlorpheniramine Maleate) और फिनाइलफ्रिन एचसीएल (Phenylephrine HCl) जैसे रसायनों के उपयोग को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।”
एसआईटी कर रही है जांच
“1 अक्टूबर 2025 को जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट और मंडला जिलों के औषधि निरीक्षकों को शामिल कर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जो मामले की गहराई से जांच करेगा और दोषियों की जवाबदेही तय करेगा।”
तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट से खुलासा
“तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में 48.6% डायएथिलीन ग्लायकॉल की मिलावट थी। जो एक जहरीला केमिकल है। वहीं, संदिग्ध नेक्स्ट्रो-डीएस (Nextro-DS) कफ सिरप की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है। यह सिरप हिमाचल प्रदेश के सोलन (बद्दी) की कंपनी से आई है, जिसकी जांच मध्यप्रदेश और हिमाचल दोनों जगह चल रही है।”
