डॉ हिमांशु जोशी।
इंदौर की एक महिला सब इंस्पेक्टर को ट्रांसफ़र, पोस्टिंग और विभागीय जाँच के नाम पर फ़ोन लगा कर एक फ़र्ज़ी आईपीएस ने पैसों की माँग की। महिला ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस मुख्यालय को की।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी को इंदौर से गिरफ़्तार किया है।
क्राइम ब्रांच ने मामले की तफ़तीश की तो खुलासा हुआ की मध्यप्रदेश के क़रीब 50 ओर छत्तीसगढ़ के अफ़सर इसकेनिशाने पर थे। क्राइम ब्रांच की इन्वेस्टीगेटिव में यह पता चला की यह फ़र्ज़ी आईपीएस इंदौर की होटल में चौकीदारी करने वाला बुद्धसेन मिश्रा पिता रामनिरंजन मिश्रा उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम औभरी पोस्ट हरदौली थाना पनवार जिला रीवा म.प्र. है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया वह होटल गुरू कृपा इंदौर में गार्ड का काम करता था । इसी दौरान पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के वाहन में लगे वायरलेस सेट से पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में सुनता था ।
गुगल से फ़ोन नंबर निकाल कर करता था बात
आरोपी ने जानकारी प्राप्त किया की डीजीपी कार्यालय के नाम पर कोई भी कार्य हो सकता हैं । इसी कारण आरोपी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर गूगल से सभी जिलो के पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर प्राप्त करके जिले में पदस्थ एसआरसी, बाबू का नंबर प्राप्त करके उनसे स्थानांतरण के लिए दिए अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी प्राप्त करने के उपरांत अधिकारी/कर्मचारी के संबंधित थाना प्रभारी को फोन करके अधिकारी/कर्मचारियो को फोन पर बात करने का आदेश देता था । अधिकारी/कर्मचारी द्वारा फोन करने पर उनसे उनके द्वारा दिए आवेदन पर ट्रांसफर हेतु पैसे की बात करता था एवं कुछ कर्मचारियो को उनकी शिकायत होने का बताकर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही करने की धमकी देकर पैसो की मांग करता था । आरोपी अधिकारी के लहजे में बात करता था इस कारण जिन अधिकारी/कर्मचारियों को आरोपी द्वारा फोन किया गया था वे इसके फर्जी होने का शक नही कर सके ।
इंदौर की महिला सब इंस्पेक्टर को भी टार्गेट किया
इंदौर की महिला सब इंस्पेक्टर द्वारा लिखित आवेदन दिया जिसमें मोबाइल धारक द्वारा अपने आप को डीजीपी ऑफिस से सीनियर अधिकारी बताकर सस्पेंड करने व स्थानांतरण रुकवाने के नाम पर पैसो की मांग कर धोखाधड़ी करने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसकी जाँच पर अपराध क्रमांक 58/23 धारा 170, 420, 419,384 भादवि का कायम कर विवेचना में लिया गया ।
