March 6, 2026

विश्व में युवा कुशल वर्कफोर्स सर्वाधिक भारत में हैं। लगभग 3.2 बिलियन भारतीय युवा विश्व के अलग-अलग देशों में काम कर रहे है।

एक्सपोज़ टुडे। 
विश्व में युवा कुशल वर्कफोर्स सर्वाधिक भारत में हैं। लगभग 3.2 बिलियन भारतीय युवा विश्व के अलग-अलग देशों में कार्यरत है। पूर्व में भारतीयों को विदेशों में कामगार के रूप में देखा जाता है, वर्तमान में वही समुदाय कुशल कार्यबल में परिवर्तित हो गया है। दुनिया देख रही है कि विश्व की सर्वोच्च आई.टी. कम्पनियों में भारतीय उच्च पदों पर कार्यरत है। यह बात 17वीं प्रवासी भारतीय सम्मेलन के अंतिम दिवस के पहले प्लेनरी सेशन में  शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में “रोल ऑफ इंडियन डायस्पोरा फॉर एनेबलिंग ग्लोबल मोबिलिटी ऑफ इंडियन वर्क फोर्स” विषय पर कही। श्री प्रधान ने कहा कि भारत लगातार कुशल और दक्ष बन रहा है। केन्द्रीय मंत्री श्री प्रधान ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारतीय उत्पाद बेहतर गुणवत्ता एवं सस्ते मूल्य के लिए जाने जाते हैं।
     वैश्विक मूल्य श्रृंखला के अनुरूप कार्य करने में भारतीय आगे है और पूरे विश्व में उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में सबसे ज्यादा भारतीय जुड़े हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उनकी कार्य-कुशलता, ईमानदारी और कार्य के प्रति समर्पण है। उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बेहत्तर तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। हमारे देश में लगभग 200 मिलियन छात्र शेाध-कार्य और स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। भारत लगातार कुशल बन रहा है, जो वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन पर पूरे विश्व के बेहत्तर कल के लिए कार्य करेगा। केन्द्रीय मंत्री श्री प्रधान ने कहा कि प्रौद्योगिकी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। टेक्नोलॉजी के कारण आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में स्वदेशी 5जी की शूरूआत हो गई है। भारत पहले अमेरिका से निम्नतम गुणवत्ता के अनाज का आयात करता था। आज 40 देशों को अनाज का निर्यात करता है साथ ही पूरे विश्व ने देखा और माना है कि वैश्विक महामारी के दौरान मानवता की रक्षा के लिए भारत ने कई देशों को दवाईयाँ एवं वैक्सीन मुहैया कराई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी क्षमता को बेहत्तर बना कर वैश्विक आवश्यकता के अनुसार कार्य करेगा। इसमें प्रवासी भारतीय अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों पर गहरा विश्वास जताया है। प्रत्येक प्रवासी भारतीय को भारत का राष्ट्रदूत माना है। तीन दिवसीय पीबीडी सम्मेलन के अंतिम दिन के प्लेनरी सत्र में में मॉरिशस की सोशल इंटीग्रेशन, सोशल सिक्योरिटी एवं नेशनल सोलीडेरिटी मंत्री श्रीमती फजीला जीवा दोरियावू ने कहा कि मॉरिशस की अर्थव्यवस्था में भारतीय कार्यबल का महत्वपूर्ण योगदान है। मॉरिशस के 70 प्रतिशत नागरिकों की जड़ें भारत से जुड़ी हैं, भारत उनका दूसरा घर है। पीबीडी सम्मेलन में मॉरिशस का बहुत बड़ा प्रतिनिधि दल शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत जिस तरह से विकास कर रहा है वह अदभुत है। प्रवासियों को पूँजी एवं मेधा ही और कई समेकित उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ना होगा। पीबीडी सम्मेलन एक अच्छा अवसर है, जहाँ सारे प्रवासियों को मिलकर अपने सुझाव एवं विचार व्यक्त करने का मौका मिला। श्रीमती जीवा ने कहा कि कोविड-19 पेन्डेमिक के दौरान भारत से मिली वैक्सीन से मॉरिशस को बड़ी राहत मिली थी।
लुलू ग्रुप के सीएमडी श्री एम.ए. युसूफ अली ने कहा कि हमारा तन, मन और धन हिन्दुस्तान के लिए है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दिन-प्रतिदिन तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि मार्च तक हिन्दुस्तान सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश होगा। भारत में सबसे ज्यादा युवा की और यह गर्व की बात है। श्री अली ने कहा कि प्रवासी भारतीयों की भूमिका युवाओं को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण होगी। सैकड़ों भारतीय खाड़ी देशों में वित्तीय स्थिरता के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल राज्य में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एनआरआई समिति गठित की गई है। अन्य राज्यों को भी ऐसी समिति बनाकर विदेश मंत्रालय की मदद से भारतीय युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय प्लेटफार्म उपलब्ध कराने में मदद करना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया की मल्टी कोनेक्सीओन ग्रुप की सीईओ सुश्री शीबा नांदेकेलीयोर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है। युवा कार्यबल की प्रतिभा और संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया में प्रवासी भारतीयों की संख्या बढ़ रही है। भारतीय प्रवासियों ने न सिर्फ विकास किया बल्कि उनके योगदान के लिये उनकी सराहना हुई है। वे बहुत अच्छे कामगारों के रूप में उभरकर आ रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा शिक्षित हो। इसमें 60 प्रतिशत युवती और 40 प्रतिशत युवक हैं। यह भारत की ताकत है। यह शानदार आगाज है।
एसबीआई ग्रुप जापान के सदस्य श्री संजीव सिन्हा ने कहा कि जापान आईआईटी हैदराबाद के सहयोग से 400 मिलियन डॉलर का निवेश कर आईआईटी बनाया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सीईओ की बात करें तो गूगल, मास्टर कार्ड आदि हमारा वसुधैव कुटुम्बकम की दृष्टि दर्शन से संभव है। हम सभी को विश्व को एक करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
अरानाड समाचार पत्र के सम्पादक श्री कुलदीप सिंह शेखावत ने कहा कि अर्थव्यवस्था सेवा क्षेत्र पर निर्भर है। पहले कामगारों के रूप में भारतीयों की छवि थी। अब परिदृश्य बदल गया। उन्होंने कहा कि (ब्रिटेन) सेवा क्षेत्र केन्द्रित देश है। बहुत ज्यादा उत्पादन नहीं होता इसलिए हमें पढ़े लिखे युवा भारतीयों की जरूरत है। श्री शेखावत ने सुझाव दिया कि पर्यटन के क्षेत्र में बहुत संभावनाएँ है। यूके और भारत के बीच पर्यटन की अपार संभावनाओं पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री ऋषि सुनक ने भारतीय मूल के होने के कारण पीबीडी का आत्म-सम्मान बढ़ा है।
इराम ग्रुप के चेयरमेन डॉ. सिद्दीक अहमद ने सुझाव देते हुए कहा कि एक ऐसे वेब पोर्टल की शुरूआत की जाए जहाँ पर पुराने अनुभवी लोग जॉब, कम्पनी, प्लेसमेंट की जानकारी दें। कम्पनीज को भी सदस्य बनाया जाए जिससे जॉब देने वाले और काम पाने वाले दोनों की जानकारी मिल सके।
Written by XT Correspondent

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