March 6, 2026

इंदौर ने लगा दिया छक्का!

लेखिका डॉ. अनन्या मिश्र, आईआईएम इंदौर में सीनियर मैनेजर  कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं मीडिया रिलेशन के पद पर हैं। 

एक्सपोज़ टुडे। 

देश की सांस्कृतिक परंपरा में वेदों के 6 अंग माने गए हैं शिक्षा, छंद, व्याकरण, ज्योतिष, कल्प और निरुक्त सनातन संस्कृति में सबसे पहले पूजे जाने वाले गणेशजी के स्त्रोत का यदि छह माह तक जाप करो तो सिद्धि प्राप्त होती है  ऐसा उल्लेख है मनुष्य के पतन के लिए भी छह कार जिम्मेदार माने गए हैं, जिन्हें काम, क्रोध, लोभ, मद, मोह और मत्स कहा गया है साथ ही सभ्यता के आधुनिक चरण में शहर की, राज्य की, समाज की और राष्ट्र की प्रगति के लिए छह चीज़ें बड़ी महत्त्वपूर्ण होती हैं  जन, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और व्यापा

यदि हम शिक्षा की बात करें तो इंदौर पूरे मध्य प्रदेश में शिक्षा के हब के रूप में विकसित हो गया है जन की बात करें तो राज्य में सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है मध्य प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सुविधाएँ भी इंदौर में ही उपलब्ध हैं मनोरंजन के मामले में भी, सर्वाधिक मनोरंजन सम्बन्धी कार्यक्रम और गतिविधियाँ इंदौर में ही होती हैं जब कोरोना काल में पूरे देश में मजदूरों का प्रवास हो रहा था और वे भूखेपेट यात्रा कर रहे थे,तो इंदौर ही वह शहर था जिसने उन्हें सुदूर क्षेत्रों से यात्रा करने पर भी चौराहे-चौराहे पर और घर-घर जा कर भोजन की सुविधाएँ उपलब्ध कराईं व्यापर की चर्चा करें तो इंदौर पूरे पश्चिमी मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी है और इसीलिए  इसे मिनी मुंबई कहा जाता है इसका दूसरा प्रमाण यह है कि जितने भी औद्योगिक और  निवेश सम्मलेन हुए हैं वे पश्चिमी भारत के क्षेत्र में इंदौर में हुए हैं यहीं सर्वाधिक विनिवेश हुआ है और सम्पूर्ण भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पोर्ट भी इंदौर के पास ही बनने की तैयारी में है

छठी बार स्वच्छता में सिरमौर हो जाना हमारी सारी सकारात्मक चीज़ों का ही एक नया आयाम प्रतीत होता है यह मात्र सिक्सर नहीं है, रनों की छठी दौड़ नहीं है, अपितु यह हमारी निरंतर आगे बढ़ने की जिजीविषा का एक बहुत बड़ा प्रमाण है यह इस बात को भी सिद्ध करता है कि हम षटविकारों को समाप्त करते हुए वेदों के छह गुणों के समान, प्रगति के छह नए पैरामीटर के समान, जनकल्याणकारी छह तत्वों के समान  सबका साथ,सबका विकास के संकल्पों को आत्मसात कर, सबके कल्याण की भावना को साथ में लेकर लगातार काम कर रहे हैं इससे हमने मात्र एक अभियान नहीं अपितु अपने जीवन की शैली बना लिया है

जो लोग पिछले छह वर्षों में इंदौर से कभी बाहर नहीं गए, उन्हें शायद इस बात का अनुभव नहीं कि इंदौर ने सफाई में कितनी प्रगति की है किन्तु जो एक भी बार इंदौर से बाहर गए हैं, उन्हें तुरंत पता चल जाता है कि इंदौर से बेहतर और कुछ भी नहींजो दूसरे शहर से इंदौर आते हैं वे भी इंदौर की सफाई से चकित रह जाते हैं मुझे उम्मीद है कि यह लगातार चलने वाला सिलसिला है यह छठी बार में थमेगा नहीं एक समय ऐसा आएगा जब न सिर्फ देश में अपितु विश्व में भी इंदौर सफाई के मामले में मार्गदर्शन देने में सफल होगा मुझे जान कर प्रसन्नता हुई थी कि फ़्रांस के लोग भी हमारे शहर की सफाई व्यवस्था देखने और कचरा निपटान का प्रबंध देखने के लिए आ थेफ़्रांस दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में आता है हम वास्तव में महाकाल और ओंकारेश्वर में बीच स्थित स्वच्छता का एक ऐसा केंद्र हैं जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने भी आकर अध्ययन किया था शायद यही वजह है कि हम आज भी जगतगुरु बनने की दिशा में  कम से कम सफाई के जगतगुरु बनने की दिशा में कार्य कर रहे हैं यह सभी इंदौरवासियों की उपलब्धि हैइसलिए मैं इंदौर के सभी सफाई मित्रों, यहाँ की विराट जनशक्ति, सरकार, प्रशासनिक अधिकारीयों, समस्त समाज-सेवी और सहयोगी संगठनों को, जिन्होंने सफाई के काम को मिशन बनाने में योगदान दिया  प्रणाम करती हूँ साथ ही संचार माध्यमों की भूमिका और उनके सहयोग को भी सराहती हूँ, जिससे यह ताज इंदौर के मस्तक पर आया है हर वर्ष इस ताज में एक नया हीरा जड़ेगा, ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है

सभी इंदौर वासियों को सफाई के इस महाअभियान के मैच में छक्का लगाने के लिए शुभकामनाएँ!

Written by XT Correspondent

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