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इंदौर नार्कोटिक्स पुलिस ने अशोक नगर के चांदेरी क्षेत्र में 15 सदस्यों की टीम के साथ ताबड़तोड़ छापेमार करवाई की। कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी है।करीब 2 करोड़ रूपए मूल्य की ड्रग बताई जा रही है। जिस आरोपी को पकड़ा गया उसका मुंबई कनेक्शन भी मिला है वह फ़िल्म की शूटिंग की व्यवस्था का काम करता है। इंदौर से ही गोपनीय सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
इंदौर की 15 सदस्यीय टीम अशोक नगर के चंदेरी पहुंची तो वहां देखा की चंदेरी के ग्राम कडराना में दो युवक एमडी ड्रग फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। उन्होंने इस बनाने के लिए पूरी लैब बना रखी थी। टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नारकोटिक्स टीम को यहां फैक्ट्री संचालन की सूचना इंदौर में एक नशेलची से मिली थी। इसके बाद यहां दबिश देकर कार्रवाई की गई है।
नारकोटिक्स विभाग के डीएसपी संतोष हाड़ा के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम इंदौर से ग्राम कडराना पहुंची। जहां पर शराब पार्टी कर रहे दो लोगों को पकड़ा। उनसे पूछताछ करने पर फैक्ट्री के संचालन का खुलासा हुआ। जैसे ही टीम राघवेंद्र के घर पहुंची तो लैब देखकर वह दंग रह गई।
उसने ड्रग बनाने के लिर पूरी व्यवस्था कर रखी थी। यहां पर टीम को एक किलो से अधिक एमडी ड्रग और उसे बनाने का सामान मिला। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रूपए बताई जा रही है।
अशोक नगर के चंदेरी पहुंची और गांव में पहुंचकर छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध ड्रग की फैक्टी पकड़ ली। 15 सदस्यीय टीम में अधिकांशा पुलिस वाले सादे कपड़ों में थे, जबकि कुछ जवान पुलिस ड्रेस में थे। पकड़ने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेशा किया गया। आरोपियों के पास से एक कार और एक अवैध पिस्टल बरामद की गई है।
चंदेरी के ग्राम कडराना में दो युवक प्रियांशु जैन उर्फ शानू मोदी पुत्र सुनील जैन (31) निवासी हाटकरपुरा चंदेरी और राघवेंद्र पुत्र बलराम सिंह परमार (38) निवासी कड़राना एमडी ड्रग फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे। इसके लिए कड़राना में राघवेंद्र के घर पर ही एका लैब बना रखी थी, जिसमें वे लोग केमिकल की मदद से एमडी ड्रग तैयार करते भोपाल जैसे शहरों में बेचने के लिए भेज देते थे। इसके अलावा उनके पास ग्राहक भी खुद आते थे।
फिल्म शूटिंग मैनेजमेंट से जुड़े तारों की जांच
आरोपी प्रियांशु जीन चांदरी में होने वाली फिल्म शुटित के दौरान मुंबई से आने वाली टीम का मैनेजमेंट देखता था। ऐसे में नशे के शौकीनों से संभावित कनेक्शन की आशंका जताई जा रही में महनी है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मोबाइल डेटा गौर आर्थिक लेनदेन की जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।
