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इंदौर पुलिस क्राइम ब्रांच ने इंदौर की सीनियर सिटीज़न महिला से 47 लाख रूपए की ऑन लाइन ठगी करने वाली इंटर स्टेट गैंग को यूपी से धरदबोचा है। यह गैंग CBI अधिकारी, टेलीकॉम रेग्युलेशन अथोरिटी ऑफ इंडिया एवं कस्टम विभाग के अधिकारी बन कर फ़ोन लगा कर डिजीटल अरेस्ट कर अवैध वसूली कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच ने जब इस गैंग को उत्तरप्रदेश के कन्नौज ग्राम सतौरा से गिरफ़्तार किया तो गैंग ने खुलासा किया की गैंग सदस्यों को ठगी करने के लिए “फलाह दारेन मदरसा समिति” का करेंट बैंक अकाउंट, ठगी का 50% पैसा कमिशन लेने के लिए उपलब्ध कराता था। आरोपी गैंग से जुड़े पुलिस के द्वारा ऑनलाइन ठगी से संबंधित 42 बैंक खातों को
फ्रीज किया है जिनमें करोड़ों रूपए के ट्रांजैक्शन मिले हैं।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक़ इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा संचालित NCRP पोर्टल पर 65 वर्षीय वृद्ध महिला ने डिजिटल अरेस्ट के नाम से ऑनलाइन ठगी की शिकायत की थी जिसमें उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि 11 सितंबर 2024 को सुबह मेरे मोबाइल नंबर पर व्हाट्सप्प कॉल आया, जिसने स्वयं को टेलीकॉम रेग्युलेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दिल्ली हेड ऑफिस से इंक्वायरी ऑफिसर बताया व कहा कि आपके नाम से जिओ कंपनी की एक सिम रजिस्टर्ड है, जिसके माध्यम से इल्लिगल एडवरटाईजिंग और हैरसमेंट का अपराध किया गया है, इसलिये आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है आपके नाम से सारे फोन नंबर एक घंटे के अंदर बंद कर दिये जायेगें और कॉल डिस्कनेक्ट हो गया अन्य मोबाईल नम्बर से कॉल आया और बोला गया कि मै सीबीआई ऑफिसर बोल रहा हूं आपके आधार कार्ड से दर्ज एक पार्सल कम्बोडिया भेजा गया है जो कि कस्टम विभाग में है और उस पर इंक्वायरी चल रही है आपके नाम की एक पासबुक भी निकली है जिसमें ड्रग्स, आतंकवाद, मनी लांड्रिंग के लिये करोड़ों के ट्रांजेक्शन मिले है आपके खिलाफ हमने वारंट निकाल दिया है जितने भी आपके पास पैसे हैं उसकी जानकारी हमें दीजिये नहीं तो ठीक नहीं होगा आप पर केस चल रहा है, आप सारा पैसा आरटीजीएस के जरिये हमें ट्रांसफर करिये आपने सारी जानकारी नहीं दी तो आपको और आपके बच्चों को जान का खतरा है, हमारे बताये खाते में सारा पैसा ट्रांसफर करो आप लगातार हमारी सर्विलेंस में रहेंगी और कुछ भी काम या किसी से कोई बात करने से पहले हमसे परमिशन लेंगी और इस संबंध मे किसी से भी कोई बातचीत की तो आपके लिये अच्छा नहीं होगा, दिनांक 13/09/2024 को मैने उनके बताये गये ICICI बैंक के खाते में 40,00,000/- रूपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किये उसके बाद बंधन बैंक के खाते मे 6,00,000/- रूपये RTGS के माध्यम में ट्रांसफर किये। इस प्रकार अज्ञात व्यक्तियों ने मुझसे मेरे 46 लाख रूपये ले लिये, उनके द्वारा फोन पर मुझे ऑडियो एवं वीडियो कॉलिंग के माध्यम से डरा धमका कर घर मे मानसिक तौर पर अरेस्ट रखा गया और हर दस मिनट की जानकारी उनके द्वारा मुझसे ली गयी। उसके बाद मेरे द्वारा क्राइम ब्रांच व NCRP पोर्टल पर भी उपरोक्त घटना की शिकायत की गयी थी।
महिला की शिकायत पर क्राइम ब्रांच इंदौर थाने में अपराध धारा 318(4), 308(2), 319(2), 336(3),338, 340(2), 238, 3(5), 61(2) BNS ke तहत् अपराध पंजीबद्ध।
इंदौर क्राईम ब्रांच के द्वारा ग्राम सतौरा कन्नौज उत्तरप्रदेश राज्य से फलाह दारेन मदरसा समिति का प्रबंधक (1).आरोपी अली अहमद खान पिता साबिर खान उम्र 69 निवासी निवासी ग्राम सतौरा कन्नौज उत्तरप्रदेश, एवं सह–प्रबंधक (2) असद अहमद खान पिता अली अहमद खान उम्र 36 निवासी ग्राम सतौरा कन्नौज उत्तरप्रदेश,* को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी स्वयं को बीएड ग्रेजुएट होकर मूलतः ग्राम सतौरा कन्नौज उत्तरप्रदेश मे मदरसा चलाना अपना व्यवसाय बताते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाली गैंग को अपने उक्त मदरसा समिती का बैंक खाता 50 प्रतिशन कमीशन पर उपलब्ध कराने का कार्य करना कबूला है। उक्त फर्जी डिजिटल अरेस्ट प्रकरण में इंदौर क्राइम ब्रांच के द्वारा आरोपी का पुलिस रिमांड लेकर गैंग के अन्य सदस्यों और अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारी
निकाली जा रही है।