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वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक भास्कर अख़बार के समूह संपादक रहे कल्पेश याग्निक को आत्म हत्या के लिए मजबूर करने वाली शातिर बदमाश सलोनी अरोरा और उसके दो साथियों पर क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेज़ो के आधार पर ज़मानत लेने के मामले में एफ़आइआर दर्ज की है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक भास्कर अख़बार के समूह संपादक रहे कल्पेश याग्निक को आत्म हत्या के लिए मजबूर करने वाली शातिर बदमाश सलोनी अरोरा और उसके दो साथियों जिसमें एक महिला भी शामिल है केदार डाबी पिता मनीराम डाबी, मधु श्रीवास्तव पति राजेश श्रीवास्तव इन्हें क्राइम ब्रांच ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर ज़मानत कराने के मामले में एफ़आइआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
2018 में वरिष्ठ पत्रकार श्री याग्निक ने सलोनी अरोरा के द्वारा झूठे आरोप लगाए जाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के कारण सुसाइड कर लिया था। वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक के भाई नीरज की शिकायत पर सलोनी अरोरा पर अड़ी बाज़ी, ब्लैक मेलिंग, अवैध वसूली करने को लेकर 2018 में इन धाराओं में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 386, 503, 306, 465, 467, 468, 469, 471, 201, 204, 387, 389 सूचना प्रोघोगिकी अधिनियम 2000 की धारा 67, 678 में केस दर्ज होकर माननीय न्यायलय में लंबित है। इस केस में वह ज़मानत पर बाहर थी।
सलोनी ने आपराधिक मानसिकता का उपयोग करते हुए फर्जी ज़मानतदार से मिलकर फर्जी ऋण पुस्तिका के आधार पर ज़मानत हासिल कर ली। उसने यह कृत्य करके न्यायलय को भी धोखा दिया है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार सलोनी पिता रघुवीर सिंह अरोरा, फर्जी ज़मानतदार केदार डाबी पिता मनीराम डाबी, मधु श्रीवास्तव पति राजेश श्रीवास्तव ने फर्जी दस्तावेज़ो का उपयोग कर सलोनी अरोरा को कोर्ट से 50 हजार रूपए के मुचलके पर ज़मानत दिलवाई है। केदार डाबी फर्जी ज़मानत दिलवाने का ही काम करता है। इन तीनों पर 115, 420,465,466,,467,468,470,471,474,120 बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
केदार डाबी पिता मनीराम डाबी है फर्जी ज़मानत का मास्टर माइंड
पुलिस गिरफ्त में आया केदार डाबी पिता मनीराम डाबी है फर्जी ज़मानत कराने का मास्टर माइंड है। मूल रूप से 313 ग्राम सिमरोल का रहने वाले है। सलोनी अरोरा को ज़मानत दिलवाने के लिए केदार डाबी ने जो कृषि भूमि की ऋण पुस्तिका लगाई वह फर्जी है। वह इस तरह के फर्जी कामों में केदार की मास्टरी है उसके खिलाफ इंदौर के थाना एरोड्रम में क्राइम नंबर 8/2022 दर्ज है। यह मामला भी कोर्ट में लंबित है ।
कोर्ट ने आदेश जारी किया है की केदार डाबी पिता मनीराम डाबी को भविष्य में किसी भी केस में ज़मानतदार नहीं बनाया जा सकता अगर वह ज़मानतदार बनता है तो वह इस प्रकरण को संज्ञान में रख कर ख़ारिज किया जा सकता है।
