एक्सपोज़ टुडे, इंदौर।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मनीष सिंह ने धारा 144 लागू कर दी है। 17 मार्च से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। यह कर्फ्यू नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दौरान दवा, किराना दुकान, दूध डेयरी आदि अति आवश्यक सामग्री की दुकानें खुली रह सकेंगी। बहुत आवश्यक होने पर ही मूवमेंट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ,पिकनिक स्पॉट, स्विमिंग पूल आदि को बंद कर दिया गया है। जिले में रेस्टोरेंट्स तथा कोचिंग क्लासेस आदि 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही संचालित हो सकेगी। श्री सिंह ने कहा कि इंदौर के नागरिक जागरूक हैं, वह स्वत: ही स्वयं प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन करेंगे, यह विश्वास है। मुझे विश्वास है कि जिले में फोर्सेबल कंप्लायंस की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ज्ञात रहे कि कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मनीष सिंह ने कल 16 मार्च को धारा 144 के अन्तर्गत कोरोना महामारी नियंत्रण के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये थे। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न धर्मस्थलों पर किसी भी प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम, धार्मिक रैली, धार्मिक जुलूस आदि पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा तथा धर्मस्थल पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए केवल दर्शन आदि किया जा सकेगा। ज्यादा भीड़/अनियंत्रित भीड़ हो जाने से धर्मस्थल प्रबंधक कुछ समय के लिए धर्मस्थल को बंद कर सकेंगे।
समस्त प्रकार के स्वीमिंग पूल पूर्ण रूप से बंद रहेंगे तथा इन्दौर शहर के आसपास के समस्त पिकनिक स्पार्ट पर जाना प्रतिबंधित रहेगा। इन्दौर में शहर में रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक समस्त दुकानें/व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। केमिस्ट, राशन एवं खान-पान की दुकान पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। केवल आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड आने जाने के लिए ही आवागमन की अनुमति होगी। समस्त अन्य गैर आवश्यक आवागमन आमजन द्वारा नहीं किए जा सकेंगे। रात्रि 10 बजे से बंद होने संबंधी यह निर्देश 17 मार्च 2021 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
खान-पान की दुकानों से तात्पर्य दूध डेरी, किराना दुकान, विभिन्न राशन सामग्रियों की थोक दुकानें आदि से है। इसके तहत 56 दुकान, सराफा चौपाटी या अन्य व्यावसायिक अथवा आवासीय क्षेत्रों में स्थित फास्ट-फूड, बेकरी, रेस्टोरेंट स्वरूप की दुकानें नहीं आने से इस श्रेणी की खान-पान की दुकानें पूर्ण रूप से रात्रि 10 बजे बंद होगी। रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक अकारण आमजन का आवागमन न हो इसके लिए पुलिस द्वारा नियमित रूप से पेट्रोलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसी प्रकार समस्त रेस्टोरेंट भी रात्रि में 10 बजे अनिवार्यतः बंद होंगे। रात्रि 10 बजे के उपरांत फार्म हाउस, विभिन्न बंद हॉलों में अथवा पृथक से खुले क्षेत्रों में समस्त प्रकार की पार्टियां प्रतिबंधित रहेगी।
जिले में जुलूस/गैर/मेले आदि के आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे। खुले/बंद स्थानों पर आयोजित समस्त सामाजिक/राजनैतिक/धार्मिक/शैक्षणिक/खेल/मनोरंजन/सांस्कृतिक कार्यक्रम अधिकतम 100 व्यक्तियों तक ही किए जा सकेंगे। सौ से अधिक व्यक्ति शामिल होने पर जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति प्राप्त करना बंधनकारी होगा। मास्क पहनने का सख्ती से पालन कराया जाएगा तथा उल्लघंन करने वालों पर 200 रुपये का अर्थदण्ड मौके पर लगाया जाएगा।
समस्त रेस्टोरेंट, खाने-पीने के संस्थान, कोचिंग क्लासेस आदि में क्षमता से 50 प्रतिशत ही व्यक्ति एक समय में रह सकेंगे। इन संस्थान के मालिकों का दायित्व रहेगा कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा नहीं किए जाने पर ऐसे संस्थानों को जिले/शहर के अन्य नागरिकों के साथ स्वास्थ्य में खिलवाड़ करते हुए पाए जाने पर अग्रिम आदेश तक सील किए जाने की कार्यवाही की जाएगी।
समस्त प्रकार के सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, चल-समारोह कार्यक्रम आदि पर अग्रिम आदेशों तक रोक रहेगी। इसी प्रकार समस्त प्रकार के रैली, धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन आदि में भी प्रतिबंध रहेगा। अपरिहार्य स्थिति में अनुमति से ही कोई भी गतिविधि की जा सकेगी।
समस्त प्रकार के बंद हॉल में आयोजित एकत्रीकरण में हॉल की 50 प्रतिशत क्षमता (अधिकतम 200 व्यक्ति) ही रह सकेंगे। इसका उल्लघंन किए जाने पर जिम्मेदारी आयोजक एवं हॉल स्वामी की रहेगी।
शादी, विवाह कार्यक्रम में अधिकतम 200 व्यक्ति (वर-वधू पक्ष, पुजारी आदि को मिलाकर) रह सकेंगे तथा बारात में 50 व्यक्ति ही रह सकेंगे। जनाजे, शवयात्रा आदि में अधिकतम 50 लोगों के साथ निकल सकेंगे तथा शमशान, कब्रिस्तान में अधिकतम 20 व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। समस्त उठावने चलित श्रेणी के ही किए जा सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्यू भोज/तेरहवी में यह देखा जा रहा है कि सेकड़ों की संख्या में लोगों को आमंत्रित कर यह कार्य किए जा रहे है । कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए यह प्रतिबंधित रहेगा तथा अधिकतम 50 व्यक्तियों को जिसमें ब्राम्हण भी शामिल हो सकते है, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एकत्रिकरण किया जा सकेगा।
विभिन्न औद्योगिक गतिविधियां में इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं रहेगा तथा वह इस प्रतिबंधों से मुक्त रहेगी। इसी प्रकार पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित औद्योगिक ईकाईयों में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों को आने एवं जाने हेतु अनुबंधित बसों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील रहेंगा। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।