April 26, 2026

गवर्नमेंट से 23 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले टोल कंपनी के डायरेक्टर को पुलिस ने नागपुर से किया गिरफ्तार।

 

एक्सपोज़ टुडे। 

गवर्नमेंट ऑफ एमपी से 23 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले टोल कंपनी के डायरेक्टर को उज्जैन पुलिस ने नागपुर से किया गिरफ़्तार।उज्जैन-उन्हेल-नागदा-जावरा रोड पर टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी ने सरकार को 23 करोड़ 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। मामला सामने आने पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने फरवरी में कंपनी के निदेशक सुरेंद्र चंपालाल लोढ़ा और दीपक मनोहर कटकवार के खिलाफ नीलगंगा थाने में धोधाखड़ी की एफ़आइआर दर्ज कराइ थी।सोमवार को पुलिस ने सुरेंद्र को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे कोर्ट ने छह दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है।

नीलगंगा थाना टीआइ तरुण कुरील ने बताया कि एमपीआरडीसी ने 20 वर्ष की बीओटी परियोजना अंतर्गत उज्जैन-उन्हेल-नागदा-जावरा मार्ग टूलेन निर्माण करने का अनुबंध साल-2010 में मेसर्स टापवर्थ टोलवेज उज्जैन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से किया था। मार्ग का निर्माण जून-2013 में पूर्ण कर लिया गया था। कंपनी को निर्माण के बाद  चार पहिया, छह पहिया वाहन चालकों से टोल टैक्स वसूल करने का अधिकार दिया था। कंपनी का दायित्व था कि वह टोल टैक्स की राशि एस्क्रो खाते में जमा कराए। कंपनी ने राशि जमा की मगर बिना अनुमति के खुद के विभिन्न खातों में स्वयं के लाभ के लिए राशि ट्रांसफर कर ली। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हुआ था।

कंपनी के निदेशक सुरेंद्र चंपालाल लोढ़ा और दीपक मनोहर कटकवार के खिलाफ फरवरी में धारा 420 और 409 में केस दर्ज कराया था। सोमवार को पुलिस ने सुरेंद्र को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

मेसर्स टापवर्थ टोलवेज उज्जैन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को डिफाल्टर घोषित करने के बाद उज्जैन-उन्हेल-नागदा-जावरा रोड की टोल टैक्स वसूली अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) कोर्ट के कंट्रोल में है।

Written by XT Correspondent

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