March 8, 2026

सॉफ्टवेयर इंजीनियर निकला ठग उज्जैन सहित देशभर में नौकरी व प्यार का झांसा देकर युवतियों को ठगा।

एक्सपोज़ टुडे, इंदौर।
साइबर सेल की उज्जैन विंग ने 5 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के नंबर को सर्विलांस पर डाल रखा था। आरोपी ने जैसे ही ऑनलाइन खाना ऑर्डर किया, उसकी लोकेशन पुलिस को मिल गई। पुलिस ने नोएडा स्थित एक अपार्टमेंट में दबिश दी और उसे अपनी गिरफ्त में लिया। वह 50 से अधिक सिम का उपयोग करता था। आरोपी ने बताया है कि उसने हावर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है।

इंदौर साइबर DSP सृष्टि भार्गव ने बताया कि 2016 में उज्जैन साइबर में एक ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत आई थी। इसमें पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने नौकरी देने के नाम पर उससे रुपए ठग लिए हैं। पुलिस लगातार आरोपी की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही थी। आरोपी सभी को अपना अलग-अलग नाम बताकर ठगी करता था। मोबाइल और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी की पहचान प्रशांत पांडे निवासी पहाड़गंज उत्तर प्रदेश के रूप में की गई।

आरोपी प्रशांत का पता मिलते ही साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश में दबिश दी, जहां प्रशांत पांडे के दादा और परिवार के कुछ सदस्य घर पर मिले। परिवार वालों का कहना था कि आरोपी को हमने घर से बेदखल कर दिया है। इसके बाद पुलिस फिर से मध्य प्रदेश लौट आई।

ऑनलाइन खाना आर्डर देना पड़ा महंगा

आरोपी 2016 से इंदौर सहित प्रदेश के कई इलाकों में फ्रॉड कर चुका है। साइबर एक्सपर्ट होने से आरोपी को कॉन्फिडेंस था कि उसे कोई पकड़ नहीं पाएगा, लेकिन साइबर पुलिस ने आरोपी के सभी नंबर को सर्विलांस पर ले रखा था। कुछ दिनों पहले प्रशांत ने जैसे ही ऑनलाइन खाना ऑर्डर किया, साइबर पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी मिल गई। पुलिस को पता चला कि प्रशांत नोएडा के एक फ्लैट में छुपा हुआ है। इसके बाद साइबर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया है।

50 मोबाइल नम्बर से बनाता था लड़कियों को शिकार

आरोपी प्रशांत सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, इसलिए वह वेबसाइट में कभी जॉब के नाम से तो कभी सोशल मीडिया पर लड़कियों को अपने झांसे में लेता था। उनसे प्रेम-प्रसंग कर उन्हें इमोशनल ब्लैकमेल भी करता और लाखों रुपए भी लेता था। पुलिस ने प्रशांत का मोबाइल जब्त किया है। उसमें कई ऐसी लड़कियों के नंबर से मैसेज मिले हैं, जो प्रशांत से अपना रुपया वापस मांग रही थी। प्रशांत इतना शातिर था कि 50 से अधिक नंबर का उपयोग करता था। वह ठगी के रुपयों को पार्टियों में खर्च करता था।

दबिश में नहीं मिले 1 भी रुपए

नोएडा स्थित प्रशांत के घर की सर्चिंग में पुलिस को ₹1 भी नहीं मिला है। आरोपी के 17 से 18 बैंक खाते की जानकारी लगी है। 9 पासबुक साइबर पुलिस ने जब्त की है, सभी बैंक खाते का बैलेंस 0 है। साइबर पुलिस ने प्रशांत को 3 दिन के रिमांड पर लिया है। उसने अब तक कितने लोगों से नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है।

Written by XT Correspondent

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