उज्जैन। मध्यप्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में उतरने से पहले मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। कमलनाथ ने कोरोना गाइडलाइन का ध्यान रखते हुए गर्भगृह के बाहर से ही बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इसके बाद कमलनाथ धार जिले के बदनावर रवाना हो गए, जहाँ उपचुनाव होना है।
दरअसल कमलनाथ को बदनावर में कांग्रेस के सम्मलेन में शामिल होना है। इससे पहले कमलनाथ उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इसके बाद कमलनाथ ने प्रदेश में चल रही टाइगर पॉलिटिक्स को लेकर कहा कि कौन टाइगर, कौन बिल्ली है और कौन चूहा है जनता सब जानती है। वह कभी टाइगर बन जाते हैं। कभी यह बन जाते हैं कभी वह बन जाते हैं। जनता समझदार है। उसे पता है कि कौन टाइगर है, कौन हाथी है, कौन बिल्ली है, कौन चूहा है।
इसके अलावा कमलनाथ ने कहा कि मैं बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए आया हूँ। मुझे मध्यप्रदेश की जनता और किसानों का आशीर्वाद मिले और प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रहे, यही महाकाल से प्रार्थना की है। प्रदेश की जनता समझदार है। उसे पता है कि कांग्रेस सरकार गिराने के लिए मध्य प्रदेश में क्या-क्या गद्दारी हुई है। कमलनाथ ने भरोसा जताया कि प्रदेश में फिर जनता हमारा साथ देगी और कांग्रेस की सरकार बनेगी।
