रीवा। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के रीवा में बने एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट का लोकार्पण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट से मध्यप्रदेश के लोगों को सस्ती बिजली मिलेगी। इससे मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को फायदा होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा है कि, आज रीवा ने वाकई इतिहास रच दिया है। रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही है। अब इसमें एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट का नाम भी जुड़ गया है। इसके लिए मैं रीवा के लोगों को, मध्य प्रदेश के लोगों को, बहुत-बहुत बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। रीवा का ये सोलर प्लांट इस पूरे क्षेत्र को, इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा। इस सोलर प्लांट से मध्य प्रदेश के लोगों को, यहां के उद्योगों को तो बिजली मिलेगी ही, दिल्ली में मेट्रो रेल तक को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा रीवा की ही तरह शाजापुर, नीमच और छतरपुर में भी बड़े सोलर पावर प्लांट पर काम चल रहा है। ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो मध्य प्रदेश निश्चित रूप से सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का HUB बन जाएगा। इसका सबसे अधिक लाभ मध्य प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों को होगा, किसानों को होगा, आदिवासियों को होगा। सौर ऊर्जा आज की ही नहीं बल्कि 21वीं सदी की ऊर्जा ज़रूरतों का एक बड़ा माध्यम होने वाला है। क्योंकि सौर ऊर्जा, Sure है, Pure है और Secure है।
बता दे कि लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक करके तैयारियों का जायजा लिया।
बता दे कि रीवा में स्थित एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पावर प्लांट से साल 2018 में बिजली का उत्पादन शुरू हुआ था। आज इसकी तीन इकाइयों से 750 मेगावाट का उत्पादन हो रहा है। इस ऊर्जा संयंत्र से उत्पादन होने वाली कुल बिजली का 24 फीसदी दिल्ली मेट्रो को आपूर्ति की जाती है। पिछले दो सालों से दिल्ली मेट्रो को बिजली की आपूर्ति हो रही है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया है कि मंदसौर, नीमच समेत तीन जिले में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
