गुना। मध्यप्रदेश के गुना में किसान दम्पती की पिटाई के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही देर रात मामले में कार्रवाई करते हुए ग्वालियर रेंज के आईजी राजाबाबू सिंह, गुना के कलेक्टर एस विश्वनाथन और पुलिस अधीक्षक तरुण नायक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
इनकी जगह आइजी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अविनाश शर्मा को ग्वालियर रेंज का नया आईजी और 26वीं वाहिनी गुना के सेनानी राजेश कुमार सिंह को गुना का नया एसपी बनाया है।
इस मामले को लेकर प्रदेश सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस इसको लेकर लगातार शिवराज सरकार की आलोचना कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, ‘पीड़ित युवक का जमीन संबंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे कानूनन हल किया जा सकता है। इस तरह क़ानून हाथ में लेकर उसकी, उसकी पत्नी की, परिजनों की और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई, यह कहां का न्याय है? क्या यह सब इसलिए कि वो एक दलित परिवार से है, गरीब किसान हैं?’
वहीं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया।
गौरतलब है कि पीड़ित किसान राजकुमार अहिरवार लंबे समय से सरकारी पीजी कॉलेज की जमीन पर खेती कर रहे थे। मंगलवार को अचानक गुना नगर पालिका का अतिक्रमण हटाओ दस्ता एसडीएम के नेतृत्व वहां पहुंचा और राजकुमार द्वारा बोई फसल पर जेसीबी चलाना शुरू कर दी। जब राजकुमार ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उसको पकड़ लिया।
इस पर राजकुमार खेत में बनी झोपड़ी में पहुंचे और बोतल में रखा कीटनाशक पी लिया। पति को जहर पीता देख उसकी पत्नी ने भी कीटनाशक पी लिया। यहीं नहीं जहर पीने के बाद दोनों ने अस्पताल जाने से भी मना कर दिया। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से दोनों को पकड़कर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। फ़िलहाल राजकुमार की पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है।
