June 14, 2026

इंदौर के 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड, वारंट के बहाने हरकत

Xpose Today News
इंदौर पुलिस कमिश्नरी के ज़ोन 2 लसूड़िया थाना क्षेत्र में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। डीसीपी (जोन-2) कुमार प्रतीक ने यह कार्रवाई की है। वारंट तामिली के दौरान पुलिसकर्मियों ने जबरन एक घर में घुसने की कोशिश की थी, जिस पर दूसरे पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शनिवार को हुई इस कार्रवाई में एसआई संजय विश्नोई, प्रणीत भदौरिया, दिनेश जाट, रविन्द्र कुशवाह और एक कोर्ट मुंशी को निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक वारंट तामिली को लेकर डीसीपी कार्यालय में शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद जांच कर यह कार्रवाई की गई।”

“मामला एक रिटायर्ड एसीपी से जुड़ा है, जो पहले विजयनगर थाने में पदस्थ रह चुके हैं। पुलिसकर्मी वारंट तामिल करने के लिए एक व्यक्ति के घर पहुंचे थे, जहां विवाद की स्थिति बन गई और शिकायत की गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक स्कीम नंबर-114 निवासी गौरव जैन और विजयनगर के पूर्व एसीपी राकेश गुप्ता के बीच लंबे समय से लेन-देन का विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि राकेश गुप्ता ने गौरव जैन को उधार रकम दी थी, जिसके एवज में चेक लिए गए थे। चेक बाउंस होने के बाद ग्वालियर में गौरव जैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया और कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।

25 हजार रिश्वत लेने का आरोप

इसी वारंट की तामील के लिए दस्तावेज लसूड़िया थाने भेजे गए थे। आरोप है कि वारंट की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी गौरव जैन के घर पहुंचे और कथित तौर पर दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर पेशी के लिए ग्वालियर ले जाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिसकर्मी उन्हें निजी वाहन से ग्वालियर लेकर गए और इस दौरान 25 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।

गौरव जैन के इंदौर लौटने के बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह और डीसीपी कुमार प्रतीक से की। शिकायत में अवैध तरीके से गिरफ्तारी, घर में जबरन घुसने और पुलिस कार्रवाई में नियमों के उल्लंघन की बात कही गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई, जिसके बाद डीसीपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।

ट्रांसफ़र के बाद भी जोड़ तोड़
कुछ दिन पहले डीसीपी जोन-2 ने ट्रांसफर सूची जारी की थी, जिसमें संजय विश्नोई को तिलक नगर और प्रणीत भदौरिया को परदेशीपुरा भेजने के आदेश दिए गए थे। लेकिन करीब दो महीने बीतने के बाद भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया।

Written by Xpose Today News

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