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मध्य प्रदेश के आईएएस अफसर की नागपुर महाराष्ट्र में हुई गिरफ़्तारी। नागपुर के मनीष नगर में थाना बेलतरोड़ी पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कारवाई की।
नागपुर पुलिस के मुताबिक़ मामला एमपी की राजधानी भोपाल से जुड़ा है। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी रमेश एस. थेटे को धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े मामले में नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को नागपुर के मनीष नगर इलाके में मध्य प्रदेश पुलिस पहुंची फिर की बेलतरोड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें पकड़ा।
कई बार गिरफ़्तारी वारंट जारी हुए लेकिन आईएएस रहे फ़रार
भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कल्पना कोतवाल की अदालत ने 23 मार्च 2026 को रमेश थेटे को फरार घोषित करते हुए स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत के आदेश के मुताबिक, थेटे लगातार सुनवाई में पेश नहीं हो रहे थे। उनके खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन उनकी तामील नहीं हो सकी थी। अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 के तहत थेटे को फरार घोषित करते हुए स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रकरण को अभिलेखागार में सुरक्षित रखने का आदेश दिया।”
23 मार्च की ऑर्डर शीट के अनुसार, अदालत ने माना कि आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पहले भी अवसर दिए गए, लेकिन वे पेश नहीं हुए। वारंट की तामील के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी।
परिवादी की ओर से पेश आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि परिस्थितियों से प्रतीत होता है कि आरोपी जानबूझकर वारंट की तामील से बच रहे हैं। इसके बाद अदालत ने आवेदन स्वीकार कर लिया।कोर्ट के निर्देश पर भोपाल पुलिस नागपुर के लिए रवाना हुई और नागपुर के मनीष नगर से आईएएस रमेश थेटे को नागपुर पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया और भोपाल रवाना हो गए।
