पन्ना। पवई विधायक को कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद नए क़ानून के तहत विधायकी जा सकती है। इसे लेकर सियासी हलचल तेज़ हो गई है। बीजेपी पहले ही झाबुआ सीट गँवा चुकी है। यदि पवई की विधायकी जाती है तो इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ेगा। विधानसभा सचिवालय ने कोर्ट के फ़ैसले की जानकारी माँगी है।
दरअसल प्रदेश में अपनी सरकार बनाने का सपना देख रही भाजपा को झाबुआ उपचुनाव में हार के बाद एक ओर बड़ा झटका लगा है। पन्ना जिले की पवई सीट से भाजपा के विधायक प्रहलाद लोधी को भोपाल की विशेष अदालत ने दो साल की जेल की सजा सुनाई है।
प्रहलाद लोधी को सजा मिलने के बाद अब उनकी विधानसभा की सदस्यता पर संकट आ गया है। सचिवालय ने कोर्ट से इस मामले की पूरी जानकारी मांगी है। सोमवार को सचिवालय में इस मुद्दे पर बैठक होगी।
अगर प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता जाती है तो यह भाजपा के लिए बड़ा झटका होगा। लोधी की विधानसभा सदस्यता जाने पर पवई सीट पर उपचुनाव कराना पड़ेगा। झाबुआ उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस के विधानसभा में 115 विधायक हो गए है जो बहुमत से सिर्फ एक कम है। ऐसे में अगर लोधी की विधायकी जाती है तो कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत हासिल करने का सुनहरा मौका होगा। फिर उन्हें सरकार चलाने के लिए निर्दलीय विधायकों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा।
दरअसल साल 2014 में पन्ना जिले की रैपुरा तहसील में अवैध खनन किया जा रहा था। इसे रोकने के लिए तहसीलदार वहां पहुंचे। इस पर प्रहलाद लोधी ने उनका विरोध करते हुए उनके साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया।
