खंडवा। ओंकारेश्वर बाँध में पूर्ण जलभराव और बग़ैर पुनर्वास डूब के विरोध में खंडवा जिले के कामनखेड़ा गांव में लगातार नौवें दिन भी जल सत्याग्रह जारी है। जल सत्याग्रह को नौ दिन हो चुके है, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा है।
दूसरी तरफ लगातार नौ दिन पानी में रहने के कारण जल सत्याग्रह कर रहे प्रभावितों के पैरों की चमड़ी गलने लगी है। उनके पैरों से खून निकलने लगा है। उनके शरीर में दर्द और खुजली सहित कई तरह की समस्या हो रही है। हालाँकि सत्याग्रहियों का कहना है कि जब तक बाँध प्रभावितों को सभी अधिकार नहीं दिए जाते तब तक उनका जल सत्याग्रह जारी रहेगा।
दूसरी तरफ ओंकारेश्वर बाँध में लगातार पानी भरा जा रहा है। बांध का स्तर 195.40 मीटर पर पहुंच गया है। सरकार इसे उच्च क्षमता 196.6 मीटर तक भरने के तैयारी में है। लगातार पानी भरने के कारण कई गांवों और घरों में पानी जमा हो गया है। सैकड़ों एकड़ जमीन टापू बन गई है।
सत्याग्रहियों की मांगे
बांध का जलस्तर 196.60 मीटर तक पहुँच गया तो धाराजी क्षेत्र की 284 हेक्टेयर जमीन टापू में तब्दील हो जाएगी। विस्थापितों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पुनर्वास पूरा होने के बाद ही ओंकारेश्वर बांध में जल स्तर को बढ़ाया जाए, लेकिन बिना पुनर्वास बांध में लायी जा रही डूब पूर्णतः गैर कानूनी, असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है। विस्थापितों की मांग है कि पानी का स्तर वापस पूर्व के स्तर 193 मीटर पर लाया जाए और विस्थापितों के सम्पूर्ण पुनर्वास के बाद ही बांध में पानी भरा जाये।
