छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने को लेकर विवाद गहरा गया है। जहाँ एक तरह इस मामले को लेकर राजनीति तेज हो गई है। वहीँ दूसरी तरफ शिवसेना और अन्य हिन्दूवादी संगठनों ने इसके खिलाफ एनएच पर प्रदर्शन व चक्का जाम कर दिया है। हालाँकि अफसरों के द्वारा 19 फरवरी को शिवाजी महाराज की जयंती के दिन प्रतिमा को स्थापित करने के आश्वासन के बाद विरोध समाप्त हो गया है।
दरअसल सौंसर के मोहगांव तिराहे पर स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को नगरपालिका ने 24 घंटे के अंदर ही हटा दिया था। इसको लेकर शिवसेना और अन्य हिन्दूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया। वहीँ भाजपा नेताओं ने भी इस मामले को लेकर कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है।
मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि, “छत्रपति शिवाजी महाराज राष्ट्र का गौरव हैं, हमारे आराध्य हैं व देश की प्रेरणा के स्रोत हैं। उनका अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जायेगा। अगर आपत्ति थी तो उनकी प्रतिमा को सम्मानजनक तरीके से भी हटाया जा सकता था लेकिन यह सरकार तो महापुरुषों का अपमान करने में गर्व का अनुभव करती है। मुख्यमंत्री कमलनाथ जी क्षमा याचना करें और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को ससम्मान स्थापित करने की तत्काल व्यवस्था करें।“
वहीँ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने लिखा कि, “बेहद निंदनीय कमलनाथ सरकार महापुरुषों की मूर्तियां हटाने की कौनसी परिपाटी शुरू कर रही है। भोपाल में शहीद आजाद की प्रतिमा और अब छिंदवाड़ा सौसर में शिवाजी महाराज की प्रतिमा। क्या सरकार की अतिक्रमण मुहिम में अब महापुरुषों की प्रतिमा भी शामिल हो गयी है? वक़्त है भटकाव का”
