मंदसौर। मंदसौर के रहने वाले नाहरू खान लॉकडाउन में हजारों लोगों के लिए मसीहा बनकर उभरे हैं। वह रोजाना डेढ़ से दो हजार लोगों के लिए निवाले का इंतजाम कर रहे हैं। खाना बनाने के लिए उन्होंने अपने प्लांट को ही रसोई में तब्दील कर दिया है। यहां से रोजाना खाना बनाकर हजारों लोगों में बांटा जाता है। बता दे कि नाहरू खान वहीँ शख्स है जिन्होंने बीते दिनों फुल बॉडी ऑटोमेटिक सैनिटाइजेशन मशीन बनाकर जिला अस्पताल को दी थी।
दरअसल दूसरी कक्षा पास नाहरू खान पेशे से मिस्त्री है और वह कृषि मशीनें बनाते है। उन्होंने अपने जीवन में बहुत गरीबी देखी है और भूख क्या होती है, उसका उन्हें अच्छे से अहसास है। यही कारण है कि आज नाहरू खान अकेले शहर के हजारों लोगों का पेट भर रहे हैं।
नाहरू खान का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब लॉकडाउन लागू किया था तभी मैंने सोच लिया था कि मोदी का कहना है कि कोई भी मजदूर भूखा ना रहे तो मैंने गरीबों और मजदूरों के लिए खाना बनाया। लेकिन जब लॉकडाउन और बढ़ गया तो मैंने भी गरीब मजदूरों का खाना बंद नहीं किया। आज भी डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों का खाना मैं बनाकर सुबह-शाम बांटता हूं ताकि मंदसौर का कोई गरीब मजदूर भूखा ना रहे।
वहीँ नाहरू खान के साथी आबिद हुसैन का कहना है कि नाहरू भाई प्रतिदिन डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों के लिए खाना बनाते हैं। उनके बेटे भी हमारे साथ खाना बांटते जाते हैं। यहां बड़ी साफ-सफाई से खाना बनाया जाता है। अस्पताल में तथा अन्य जगह जहां भी जरूरत लगती है, वहां बांटा जाता है। यह खाना सभी धर्म और मजहब के लोगों के लिए बनाया जाता है।
नाहरू खान सुबह-शाम दोनो टाइम का खाना देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है जब बाहर के मजदूर या अन्य पैदल घर को जाने वाले लोग ज्यादा तादात में हो जाते हैं, तो उनके लिए भी अलग से खाना यही बनता है।
