भोपाल। सरकार के तमाम दावों की पोल खोलती यह तस्वीरें प्रवासी मजदूरों की है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले यह मजदूर भीषण गर्मी में भी पैदल ही महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि बस वालों ने 2000 रुपए लेने के बाद भी यह कहकर रास्ते में ही उतार दिया कि इससे आगे नहीं जा सकते। अब पिछले आठ दिनों से हम पैदल चल रहे है।
सरकार भले ही मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए श्रमिक एक्सप्रेस चला रही हो। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकार के तमाम इंतजाम अभी भी नाकाफी ही साबित हो रहे है। अभी भी बड़ी संख्या में मजदूर पैदल ही अपने घर जा रहे है। महाराष्ट्र से चल कर मजदूर भोपाल पहुंचे है। यह मजदूर विदिशा, सागर, झांसी के रास्ते उत्तर प्रदेश जाना चाहते हैं। इनकी संख्या 10-20 नहीं हजारों में हैं।

