ग्वालियर। लॉकडाउन के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच पोस्टर वॉर जारी है। साध्वी प्रज्ञा और कमलनाथ के बाद अब कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने के पोस्टर लगाए गए है। यह पोस्टर ग्वालियर चंबल क्षेत्र में लगाए गए है। पोस्टर में सिंधिया को ढूंढने वाले को 5100 रुपए का इनाम देने की बात भी इन पोस्टरों में लिखी है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत की ओर से छपवाए गए इन पोस्टरों में लिखा है कि “तलाश, गुमशुदा जनसेवक की। कांग्रेस में रहकर जो जनसेवा नही कर पा रहे थे। जो कोरोना महामारी के समय में अप्रवासी मजदूरों की आवाज़ ना उठा सके। जिन्हें रोड़ पर उतरने का शौक था वह आज गुमशुदा है।” इसके नीचे लिखा है, ‘तलाश कर लाने वाले को 5100/- नगद इनाम। सम्पर्क – सिद्धार्थ सिंह राजावत’
सिद्धार्थ सिंह राजावत ने यह सभी पोस्टर शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगवाए है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर कांग्रेस के वह कार्यकर्ता लगा रहे हैं जो कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना आदर्श नेता मानते थे, लेकिन अब सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से यह उनका विरोध कर रहे हैं।
वहीँ पोस्टरों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि सिंधिया को जनसेवा करने की बहुत जल्दी थी। उन्होंने अतिथि शिक्षकों के लिए सड़क पर उतरने की बता भी कही थी, लेकिन जब से उन्होंने दीये और थाली बजाई है, उसके बाद से वह गुमशुदा है, इसलिए पोस्टर लगवाए है।
गौरतलब है कि इससे पहले भोपाल में साध्वी प्रज्ञा के लापता होने के पोस्टर लगे थे, जिसमें उन्हें ढूंढने वाले को 5000 रुपए का इनाम देने की बात कही थी। इसके बाद छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और उनके बेटे नकुल नाथ के गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए थे। वहीँ ऐसे ही पोस्टर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान कांग्रेस विधायक एनपी प्रजापति के भी लग चुके हैं।
