शिवपुरी। लॉकडाउन के बीच अपने नाबालिग बच्चों की शादी करा रहे परिजनों के मंसूबों पर शिवपुरी जिला प्रशासन के निगरानी दल ने पानी फेर दिया। निगरानी दल की कोशिशों और सतर्कता के कारण लॉकडाउन के दौरान शिवपुरी में 25 से ज्यादा बाल विवाह को रोका गया। निगरानी दल की कोशिशों के कारण कई नाबालिग बालक-बालिकाओं की जिंदगी बच गई है।
दरअसल लॉकडाउन के कारण दो महीने से भी अधिक समय तक तमाम गतिविधियां पर रोक रहीं। लेकिन मध्यप्रदेश के शिवपुरी में कई परिवार ऐसे भी रहे जिन्होंने कानून को ताक पर रख बाल विवाह की तैयारी कर रखी थीं। हालांकि जिला प्रशासन के निगरानी दल की तैयारियों ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। निगरानी दल ने 25 से ज्यादा बाल विवाह होने से रोक दिए।
बता दे कि महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन, पुलिस ने साथ मिलकर हर विकासखंड पर बाल विवाह रोकने के टीमें बनाई हुई हैं। शिवपुरी में बाल विवाह को रोकने में चाइल्ड लाइन के देशव्यापी हेल्पलाइन नंबर 1098 ने भी टीम की काफी मदद की है। इस नंबर पर लोगों ने फ़ोन कर बाल विवाह को रोकने लिए मदद मांगी या फिर गुप्त सूचनाएं दी गई। इससे टीम को बाल विवाह रोकने में मदद मिली।
जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा सिर्फ बाल विवाह को रोका ही नहीं जाता बल्कि उनमें शामिल रहीं बच्चियों के पुनर्वास का काम भी किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिन बच्चियों के बाल विवाह रूकवाए गए हैं उनकी काउंसिलिंग की गई। बच्चियों को वोकेशनल कोर्स व उनकी पढ़ाई पर हम विशेष ध्यान दे रहे हैं। जिससे उनका पुर्नवास हो सके और यह बच्चियों अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
शिवपुरी के महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) देवेंद्र सुंदरयाल ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान जब इस महामारी को रोकने के लिए पूरा प्रशासन तंत्र लगा हुआ था उस दौरान हमारे विभाग के सामने बाल विवाह रोकने की चुनौती सामने आई जिसमें हमारा टीम वर्क काफी कामगार रहा और हमने जिले में 25 से ज्यादा बाल विवाह रोके।
नाबालिग बच्चों के लिए काम करने वाली चाइल्ड लाइन की शिवपुरी समन्वयक वीनस तोमर ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए हमारे चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर मदद मांगी गई या इन पर सूचनाएं आईं। इस सूचना पर हमने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय कर यह बाल विवाह रूकवाए। इसमें बालक-बालिका के मां-बाप व उनके परिजन को समझाइश दी। उनसे विवाह न करने के बॉन्ड भरवाए, जो नहीं माने उन पर पुलिस कार्रवाई भी की।
बाल कल्याण समिति की सदस्य सरला वर्मा ने बताया कि जिन बच्चियों के बाल विवाह रूकवाए गए हैं उनकी काउंसिलिंग की गई। बच्चियों को वोकेशनल कोर्स व उनकी पढ़ाई पर हम विशेष ध्यान दे रहे हैं। जिससे उनका पुर्नवास हो सके और यह बच्चियों अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
