शाजापुर। मध्यप्रदेश के एक निजी अस्पताल में बिल जमा नहीं करने पर बुजुर्ग मरीज को पलंग से बांधने का शर्मनाक मामला सामने आया है। बुजुर्ग मरीज की बेटी का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने बकाया राशि वसूलने के लिए पलंग से बांध दिया। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शाजापुर कलेक्टर दिनेश जैन ने सीएमएचओ से मामले की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है।
मामला मध्यप्रदेश के शाजापुर स्थित सिटी हॉस्पिटल का है। यहां रानायर गांव के रहने वाले बुजुर्ग को पांच दिन पहले पेट में तकलीफ के कारण भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच दिन तक बुजुर्ग का इलाज किया। इस दौरान बुजुर्ग की बेटी ने इलाज के खर्च के रूप में दो बार 6 हजार रुपए और 5 हजार रुपए जमा करवाए।
शुक्रवार को जब बुजुर्ग की बेटी ने पैसा नहीं होने की बात कहकर पिता को घर ले जाने की बात कहीं तो अस्पताल प्रशासन ने इलाज की बकाया रकम जमा करवाने के लिए कहा। जब बुजुर्ग की बेटी ने पैसा नहीं होने की बात कही तो अस्पताल कर्मियों ने उसके बीमार बुजुर्ग पिता को पकड़कर पलंग से बांध दिया। शुक्रवार देर रात मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को अस्पताल से छुड़वाया।
बुजुर्ग की बेटी का आरोप है कि जब हमने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि आप पिता को लगाई पेशाब नली निकाल दो, हमें घर जाना है तो उन्होंने कहा कि 11,270 रुपए और जमा कराओ, इसके बाद इन्हें घर लेकर चले जाना। अस्पताल प्रबंधन ने पिता को तीन-चार दिन से खाना भी नहीं दिया है।
मामला उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि, ‘शाजापुर के एक अस्पताल में वरिष्ठ नागरिक के साथ क्रूरतम व्यवहार का मामला संज्ञान में आया है। दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा, सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।‘
वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन ने पैसे नहीं देने पर बुजुर्ग को बांधने से इंकार किया है। उनका कहना है कि बुजुर्ग को दिमागी बुखार है। उनके छटपटाने से बोतल लगाने के बाद सुई के टूटने का खतरा रहता है। इसलिए रस्सी से बांधा गया था।
