बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद में लगभग 12 हजार महिला कमांडो कोरोना वॉरियर्स के रूप में मैदान पर डटी हुई है। इस महिलाओं की मेहनत का ही नतीजा हैं कि आज जिले के 65 गाँव कोरोना संक्रमण से मुक्त है। यह महिला कमांडो गाँव को बाहरी लोगों के सम्पर्क में आने से तो बचाती ही है, साथ ही क्वारंटाइन सेंटर का भी ध्यान रखती है।
दरअसल पद्म श्री से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता शमशाद बेगम 1990 से साक्षरता अभियान से जुड़ी है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वसहायता समूह का गठन कर उन्हें रोजगार से जोड़ा है। आज लगभग 40 हजार महिलाएं उनके साथ जुड़ी हुई है।
कोरोना संकट में समूह की 12 हजार महिलाएं कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम कर रही है। बालोद एसपी ने इन महिलाओं को कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम करने की अनुमति दी है। जिला प्रशासन ने महिलाओं को गांवों की निगरानी करने का काम सौंपा है। महिला कमांडो ना सिर्फ गांवों को बाहरी लोगों के संपर्क में आने से रोकती है बल्कि क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखती है।
इसके अलावा महिला कमांडो घर-घर जाकर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रही है। महिलाएं घर-घर लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बता रही हैं। ऐसा जिले के सिर्फ एक-दो गांव नहीं बल्कि 125 से ज्यादा गांवों में हो रहा है। जहां महिला कमांडो स्वेच्छा से पहल कर रही है।
