भोपाल। कोरोना वायरस को लेकर आम धारणा है कि एक बार इससे संक्रमित होने के बाद दोबारा कोरोना संक्रमण नहीं होगा। लेकिन भोपाल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि भोपाल में एक दर्जन से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण को हारने के बाद दोबारा संक्रमित हो गए।
दरअसल लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद जब कोरोना संक्रमितों के प्रथम संपर्क का इतिहास खंगाला गया तो पता चला कि एक दर्जन से अधिक लोग ऐसे है जो कोरोना से ठीक होने के एक महीने बाद दोबारा से संक्रमित हो गए। दोबारा संक्रमित होने वालों में एक डॉक्टर और एक नर्स भी शामिल है।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कोरोना वायरस को लेकर जारी गाइडलाइन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्तमान में कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले व्यक्ति की डिस्चार्ज होते समय दोबारा जाँच नहीं की जा रही है। ऐसे में लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा हैं कि उनके शरीर से कोरोना वायरस पूरी तरह ख़त्म हुआ है या नहीं। पहले मरीज को डिस्चार्ज करने से पहले उसका सैंपल लेने का प्रावधान था, जिसे हटा दिया गया है।
