भोपाल। शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही भाजपा के भीतर से विरोध में आवाज उठने लगी है। बीजेपी की वरिष्ट नेता उमा भारती ने मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि शिवराज मंत्रिमंडल में जातीय असंतुलन है।
उमा भारती ने गुरुवार को कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके साथियों के भाजपा में आने और कांग्रेस की सरकार के ध्वस्त होने से उन्हें बहुत ख़ुशी है, लेकिन मंत्रिमंडल के विस्तार में मेरे सुझावों की अनदेखी की गई है। मेरे समर्थकों की भी अनदेखी की गई है। उमा भारती ने इसको लेकर पार्टी नेतृत्व को पत्र भी लिखा है। उमा भारती के बयान के बाद मध्यप्रदेशकी सियासत में खलबली मच गई हैं।
गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। गुरुवार को 28 लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली। नए मंत्रियों में 16 मंत्री भाजपा के हैं जबकि 9 मंत्री सिंधिया खेमे के हैं, वहीं तीन मंत्री ऐसे हैं जो कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। माना जा रहा है कि शिवराज मंत्रिमंडल में सिंधिया खेमे को ज्यादा तवज्जो मिलने से उमा भारती नाराज है।
