भोपाल। मध्यप्रदेश शिक्षा बोर्ड ने शनिवार को कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस वर्ष 15 छात्रों ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इन सभी छात्रों ने पूरे 300 अंक हासिल किए हैं। इन्हीं 15 छात्रों में एक है भोपाल की रहने वाली कर्णिका मिश्रा, जिन्होंने पिता के गुजरने के बाद मां और नानी के संघर्ष और मेहनत को आज उचित सम्मान दिया है।
कर्णिका मिश्रा भोपाल के रीमा विद्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा है। उन्होंने परीक्षा में 300 में से 300 नंबर हासिल किए हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी माँ की मेहनत भी है। कर्णिका के पिता का पांच साल पहले दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां और नानी ने ही उनकी परवरिश की। कर्णिका की मां सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ड्यूटी पर रहती हैं। ऐसे में कर्णिका की नानी ही कर्णिका की पढ़ाई की ज़िम्मेदारी संभालती है।
वहीं कर्णिका की इस सफलता में स्कूल प्रबंधन ने भी काफी मेहनत की है। वह स्कूल में सबकी चहेती है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने उसकी फीस भी माफ कर दी। यही नहीं ट्यूशन के पैसे भी उससे नहीं लिए गए। प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने के बाद स्कूल प्रबंधन ने एक कार्यक्रम भी आयोजित किया था, जिसमें मंत्री विश्वास सारंग भी पहुंचे। मंत्री विश्वास सारंग ने कर्णिका की कोचिंग की जिम्मेदारी ली है।
कर्णिका का कहना है कि मैंने कभी भी सिर्फ नंबर के लिए पढ़ाई नहीं की है। मैं नॉलेज के लिए पढ़ाई करती हूं। मैं पूरे साल 3-4 घंटे नियमित पढ़ाई करती हूँ। इससे पढ़ाई का बोझ नहीं पड़ता है और कुछ भूलने की घबराहट भी नहीं होती। कर्णिका का कहना है कि उनका अगला लक्ष्य एमपी पीएससी पास करना है। इसके लिए पीसीएम विषय से आगे की पढ़ाई करूंगी।
