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इंदौर के एक शातिर बदमाश ने दिल्ली पुलिस को हैरान कर दिया। दिल्ली में पंद्रह दिन में 25 सीरियल चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस को आश्चर्य हुआ की सभी वारदातों में तरीक़ा एक ही रहा। आरोपी को थाना कालका जी पुलिस ने उठाया और जब पूछताछ की तो हैरतअंगेज़ खुलासा हुआ। आरोपी इंदौर से फ़्लाइट से आता था डुप्लीकेट चाबी बनाने के नाम पर रैकी करता और चाबी बनाते हुए एक्सट्रा चाबी बना लेता फिर कुछ दिन बाद उसी एक्सट्रा चाबी से ताला खोल कर चोरी कर लेता।
दक्षिणी-पूर्वी जिला पुलिस ने इंदौर के शातिर चोर को पकड़ा है, जो दिन के समय कालोनियों में घूम-घूम कर चाभी बनाता। मौका देखकर एक चाभी अपने पास रख लेता। रात के समय रेकी वाले घर का लाक खोलकर आराम से नकदी-जेवर और महंगे सामान पर हाथ साथ कर देता था। चोरी करने के लिए आरोपित मध्य प्रदेश के इंदौर से आता और वारदात को अंजाम देने के बाद वापस लौट जाता था।
दरअसल, कालकाजी थाने के हेड कांस्टेबल भरत भूषण मंगलवार की रात नियमित गश्त पर थे। कालकाजी डीडीए फ्लैट स्थित एमसीडी के प्राइमरी स्कूल के पास पहुंचे तो एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में खड़ा देखा। पुलिस को देख वह भागने लगा। भरत भूषण ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से बटनदार चाकू बरामद हुआ।
उसे सामान्य अपराधी समझकर थाने लाए और एएसआइ किशन के हवाले कर दिया। आरोपित शेर सिंह उर्फ शेरा मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में आकाश नगर का रहने वाला है। जांच के दौरान कालकाजी एसएचओ अजय कुमार ने जब उसकी क्राइम कुंडली और आपराधिक इतिहास खंगाले गए तो टीम अचरज में पड़ गई। आरोपी शेरा ने ही करीब 24 वारदात की थी
यहां की है वारदात
नेब सराय, सफदरजंग एन्क्लेव, महरौली, मुखर्जी नगर, विजय विहार, डीबीजी रोड व मानसरोवर पार्क थाने में उसके खिलाफ पहले से चोरी व सेंधमारी के 24 से अधिक मामले दर्ज पाए गए। आरोपित सफदरजंग एन्क्लेव व नेब सराय थाने का भगोड़ा अपराधी भी निकला। आरोपित शेर सिंह उर्फ शेरा को गिरफ्तार कर उससे संबंधित अन्य मामलों की जांच कर रही है।
इंदौर में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक आरोपित शेर सिंह के खिलाफ इंदौर में मारपीट व चोरी के लगभग 10 मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि इंदौर में दर्ज ज्यादातर मामले मारपीट से संबंधित हैं। चोरी के लिए वह केवल दिल्ली आता था। डुप्लीकेट चाभी बनाने के दौरान ही घरों में चोरी की कोशिश करता था। कामयाब न होने पर रात के समय वारदात को अंजाम देकर इंदौर भाग जाता था।

