May 10, 2026

बीजेपी में सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर ब्यूरोक्रेसी का पहरा

एक्सपोज़ टुडे, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में उप चुनाव से पहले ही बीजेपी में बवाल मचना शुरू हो गया है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों के विभागों में कद्दावर आईएएस अफसरों की नियुक्ति कर उनके हाथ-पैर बाँध दिए गए हैं। ऐसे में कई मंत्री घुटन महसूस कर रहे हैं।

चौथी बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंजे हुए खिलाड़ी की तरह मैदान में है। सिंधिया के समर्थक मंत्रियों को बड़े पद भले मिल गए हो पर उनकी कमान शिवराज ने कठपुतली का खेल दिखाने वाले कलाकार की तरह उपर से डोर अपने हाथ में ले ली हैं। शिवराज ने अपने खास अफसरों को इन मंत्रियों के विभागों में बैठा कर अपरोक्ष रूप से रिमोट कंट्रोल अपने हाथ में रखा है। आईएएस अफ़सरों की ट्रांसफ़र लिस्ट में शिवराज ने चुन-चुनकर अफसरों की नियुक्ति की है। अब ऐसे में सिंधिया ख़ेमे के मंत्रियों के विभागों की फाइल आगे बढ़ना मुश्किल हैं। एक तरह से सिंधिया समर्थकों के विभाग शिवराज के अफसर ही चलाएंगे। ये मंत्री सिर्फ शो पीस बने रहेंगे।

मध्यप्रदेश में तबादलों की जो सूचियां पिछले दिनों आई उसने साबित कर दिया कि भाजपा ने सिंधिया के खिलाफ राजनीति शुरू कर दी है। कुछ बड़े और दबंग अफसरों की नियुक्ति ने इस बात पर मुहर लगा दी है। शिवराज के करीबी आईएएस अफसरों की नियुक्ति सिंधिया समर्थक मंत्रियों के विभागों में करना इसका सीधा संकेत है। ऐसे नियुक्तियों ने मंत्रियों को लाचार कर दिया हैं। इस तरह से मंत्रियों के विभागों में शिवराज ने जासूस नियुक्त कर दिए हैं। ऐसे में सभी मंत्री परेशान हैं। एक तरह से सिंधिया के मंत्रियों की पूरी तरह घेराबंदी कर दी गई है।

मंत्री मंडल विस्तार में देरी

बीजेपी ने मंत्री मंडल विस्तार में देरी की ।इससे भी प्रभाव पड़ा है। मंत्रीमंडल के विस्तार में सिंधिया का दबदबा साफ़ नज़र आया । लेकिन शिवराज जब देखा कि सिंधिया का पलड़ा भारी हैं। ऐसे में शिवराज ने मंत्रिमंडल के साथ ही अपने अफसरों को बैठा कर जरिये खुद को स्ट्रोंग कर लिया। यह तबादला सूची भी खुलासा कर रही है कि शिवराज के करीबी मंत्रियों के यहां सामान्य अफ़सर नियुक्त किये गए। जबकि सिंधिया समर्थकों के विभागों की कमान ऐसे अफसरों को सौंपी गई जो हर फाइल में बैरियर लगाकर उसे रोक सके।

नरोत्तम मिश्रा गृह में राजौरा की नाकेबंदी

मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर उभर रहे नरोत्तम मिश्रा को विभाग में राजेश राजौरा की नियुक्ति कर दी गई है। यानि नरोत्तम की नाकेबंदी राजौरा के ज़िम्मे । अफसरशाही और कैबिनेट में सभी ये बात अच्छे से जानते हैं कि राजेश राजौरा कभी भी मंत्रियों की नहीं सुनते। वे अपने मनमाफिक काम करने के आदि हैं।

यह अफ़सर सिंधिया ख़ेमे को कंट्रोल करेंगे

सिंधिया समर्थकों के विभाग पर एक नजर। तुलसी सिलावट के विभाग में अब एसएम मिश्रा की नियुक्ति कर दी गई है। बिसाहू लाल सिंह के विभाग में फैज अहमद किदवई जैसा नाम है। राजवर्धन सिंह दत्ती गांव के विभाग में अब विवेक पोरवाल प्रमुख रहेंगे।

उपचुनाव तक कुछ न हो

भाजपा नहीं चाहती कि उपचुनाव के नतीजों तक सिंधिया समर्थकों के विभागों में कोई बड़े फैसले हो सके। पार्टी एक रणनीति के तहत इन मंत्रियों पर नजर रखे हुए हैं। बहुत संभव है कि चुनाव के नतीजों के बाद बड़े स्तर पर मंत्रियों के पर कतरे जाएँ।

Written by XT Correspondent

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