भोपाल। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएए और एनआरसी कानून को संविधान के खिलाफ बताया।
कमलनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में जब तक कांग्रेस की सरकार है कोई भी संविधान विरोधी, जन विरोधी और धर्म विरोधी कानून प्रदेश में लागू नहीं होगा। केन्द्र सरकार हमारे संविधान की मूल भावना पर आक्रमण कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस देश को तोड़ने की किसी भी राजनीतिक साजिश को सफल नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की पहचान पूरी दुनिया में एक ऐसे संविधान लागू करने वाले देश के रूप में है। जहाँ हर धर्म, जाति, संस्कृति, भाषा को अपने तरीके से जीने का न केवल अधिकार है बल्कि उसे अभिव्यक्ति की भी पूरी स्वतंत्रता है। हमारी मेल-जोल की संस्कृति, आपसी रिश्तों और सभी धर्मां को एक-दूसरे से जोड़ने की ताकत को विभाजनकारी शक्तियाँ कमजोर करने का प्रयास कर रही है। यह कानून हमारे संविधान पर आक्रमण ही बल्कि देश के हर नागरिक के अधिकारों पर आक्रमण है। हमारी विविधता में एकता को और एक झण्डे के नीचे खड़े लोगों को गुमराह करने का व उन्हें तोड़ने का प्रयास केन्द्र की सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर लोकसभा में केन्द्र सरकार के गृह मंत्री एनआरसी को पूरे देश में लागू करने का बयान देते हैं वहीं उनके प्रधानमंत्री सार्वजनिक मंच में इससे इंकार करते हैं। साफ है कि भाजपा की नीयत में खोट है। देश के प्रधानमंत्री झूठ बोलकर जनता को बरगलाने का अपराध कर रहे हैं। सीएए और एनआरसी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार पूरे देश में आरएसएस का हिडन एजेंडा लागू कर रही है। इस कानून के प्रति इनकी नीयत और नीति दोनों संदिग्ध है और देश को तोड़ने की घिनौनी साजिश है।
