देवास। रात के समय हिरण और जरख जैसे वन्यजीव किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। इससे दुखी किसानों ने अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए नायब तरीका इजाद किया है। इससे ना वन्यजीवों को नुकसान होगा और ना ही किसान को रातभर जागकर अपनी फसल की रखवाली करना पड़ेगी। साथ ही यह तरीका बेहद सस्ता भी है। इससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ रहा है।
दरअसल देवास जिले के पीपलरावां क्षेत्र के जंगलों में हजारों की संख्या में हिरण और जरख जैसे वन्यजीव रहते हैं। यह जीव किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में अपनी फसल को बचाने के लिए किसानों ने देशी तकनीक इजाद की है। इसके लिए किसानों ने एक कांच की बोतल को पेड़ टांग दिया। इसके बाद एक धागे के एक तरफ कागज का कड़क गत्ता और दूसरी तरफ लोहे की बोल्ट बांधकर पेड़ से इस तरफ लटका दिया कि कागज का गत्ता हिलता है तो लोहे की बोल्ट कांच की बोतल से टकराती है।
इससे हवा के कारण कागज का गत्ता हिलता है और लोहे की बोल्ट कांच की बोतल से टकराती है। इससे घंटी जैसे आवाज उत्पन्न होती है। हिरण और जरख जैसे वन्यजीव इस आवाज को सुनकर खेतो से भाग जाते हैं। इस यंत्र को बनाने में महज 10 से 20 रुपए का खर्च आता है। इससे ना वन्यजीवों को नुकसान होता है और ना ही किसान को रातभर जागकर अपनी फसल की रखवाली करना पड़ती है।
किसानों का कहना है कि वन्यजीवों से फसल को बचाने के लिए रात-भर जागना पड़ता था। इसको लेकर वन विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इसलिए हमने यह यंत्र अपने खेतों में लगाया है।
