देवास। पूर्व मंत्री और हाटपिपल्या विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक रहे दीपक जोशी का दिग्विजय प्रेम प्रदेश सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जोशी ने दिग्विजय सिंह को अपने परिवार का सदस्य बताया है। इससे पहले दिग्विजय सिंह भी दीपक जोशी की तारीफ करते हुए उन्हें ईमानदार नेता बता चुके हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दीपक जोशी हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में सिंधिया समर्थक मनोज चौधरी का खेल बिगाड़ सकते हैं।
दिग्विजय सिंह द्वारा की गई तारीफ़ को लेकर दीपक जोशी ने कहा कि, ‘दिग्विजय सिंह को मैं विपक्षी नेता नहीं कहूँगा। वह मेरे लिए मेरे परिवार के सदस्य जैसे हैं। उन्होंने मुझे मेरे पिता के साथ जोड़ा हैं। यह मेरे लिए सम्मान की बात है। इन दिनों राजनीतिक मूल्यों में गिरावट देखी जा रही है। दिग्विजय सिंह के आशीर्वाद को मैं किसी भी तरह से पूरा नहीं कर सकता। दिग्विजय सिंह ने मेरे लिए जो बात कही है, उसका मैं सदा आभारी रहूंगा।‘
बता दे कि इससे पहले दिग्विजय सिंह ने दीपक जोशी की तारीफ करते हुए उन्हें ईमानदार पिता का ईमानदार पुत्र बताया था। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि, ‘जिस व्यक्ति ने 25-30 करोड़ रुपए लिए हो उसे भाजपा अगर उम्मीदवार बनाएगी तो दिल तो दुखेगा। दीपक जोशी उस महान इंसान के पुत्र हैं जिसने जनसंघ से लेकर भाजपा तक में अपनी पहचान ईमानदारी की बनाई है।’
दरअसल दीपक जोशी हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर विधायक रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मनोज चौधरी ने उन्हें हरा दिया था। अब सिंधिया समर्थक मनोज चौधरी इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए हैं। ऐसे में हाटपिपल्या सीट पर उपचुनाव होना है, जिसमें भाजपा की ओर से मनोज चौधरी का उम्मीदवार होना लगभग तय है। ऐसे में जोशी अपने करियर को लेकर चिंतित हैं। बीते दिनों उन्होंने प्रदेश बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात भी की थी।
