May 15, 2026

खरगोन के इंजीनियर ने बनाई अनोखी पतंग

खरगोन। मकर संक्रांति पर्व आने में सिर्फ चार दिन शेष रह गए है। मकर संक्रांति से पहले ही आसमान में रंग बिरंगे पतंग नजर आने लगी है। खरगोन के रहने वाले 64 वर्षीय सेवानिवृत्त मेकेनिकल इंजीनियर और माइक्रो आर्टिस्ट अशोक गर्ग ने भी इस अवसर पर अनोखी पतंग बनाई है। दरअसल उन्होंने एक सूक्ष्म पतंग बनाई है जो महज 6 बाय 6 मिलीमीटर की है।

अशोक गर्ग ने सूक्ष्म पतंग को एक बारीक सिंगल तार के माध्यम से एक इंच के पुतले के इस तरफ जोड़ा गया है कि पुतला 15 इंच की डोर से पतंग उड़ाता हुआ नजर आ रहा है। मकर संक्रांति से पहले इस अनोखी पतंग बनाने पर अशोक गर्ग ने बताया कि उनका उद्देश्य है कि लोग खतरनाक चाइनीज मांझे का उपयोग न कर केवल धागे से पतंग को उड़ाए। ताकि मनुष्य के साथ साथ पक्षियों को हानि नहीं पहुंच सकें।

अशोक गर्ग का कहना है कि चायनीज मांजे से पक्षियों सहित कई लोगों की गर्दन कटने के साथ-साथ उनकी मौत भी हो चुकी है। पतंग बनाने का उद्देश्य यही है कि मकर संक्रांति पर लोग पतंग उड़ाने का लुत्फ जरूर उठाए लेकिन चायनीज मांझे के बजाए धागे से पतंग उड़ाए।

बता दे कि अशोक गर्ग गोल्डन बुक ऑफ़ रिकार्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में तीन-तीन बार अपना नाम दर्ज करा चुके है। वह 7 मिलीमीटर लंबी और 0.2 ग्राम वजनी दुनिया की सबसे छोटी गणेश प्रतिमा के साथ साथ दुनिया का सबसे छोटा 8 बाय 8 और 0.5 मिलीमीटर व्यास का चेस तथा 45 मिलीमीटर की सबसे छोटी बांसुरी बना कर अपना नाम गोल्डन और लिम्का बुक में दर्ज करा चुके है।

Written by XT Correspondent

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