छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर में किराया न देने के कारण मकान मालिक ने मकान पर ताला जड़ दिया। इससे जिससे विधवा महिला उसके बीमार बच्चे, बहू, नाती, पोते बेघर हो सड़क पर आ गए हैं। ऐसे में अब विधवा महिला ने एसपी ऑफिस पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
दरअसल लॉकडाउन के कारण लोगों का रोजगार छीन गया है। इस कारण किराए पर रहने वाले लोगों के सामने मकान का किराया चुकाने की समस्या आ खड़ी हुई है। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां के नारायणपुर रोड़ इलाके में किराया ना चुका पाने पर मकान मालिक ने विधवा महिला और उसके परिवार को घर से बाहर निकाल दिया।
पीड़ित विधवा महिला लीला जोगी बस स्टैंड पर मनिहारी की दुकान लगाकर अपना और अपने बच्चों का भरण पोषण करती थी। लॉकडाउन के कारण उनका धंधा-पानी चौपट हो गया है। उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उनके पास मकान का किराया देने के भी पैसे नहीं है। ऐसे में जब महिला ने मकान का किराया नहीं दिया तो मकान मालिक ने मकान पर ताला जड़ दिया। जब विधवा महिला ने अपनी मुश्किल वक्त के लिए जमा-पूंजी और विधवा पेंशन के 2000 रूपये देने की बात कही तो मकान मालिक पूरा किराया देने के बाद ही ताला खोलने की बात करता रहा।
मकान मालिक ने पहले तो लाइट काटी, फिर नल काटा और अब मेन दरवाजे पर ही ताला जड़ दिया, जिससे विधवा महिला उसके बीमार बच्चे, बहु, नाती, पोते बेघर हो सड़क पर आ गए हैं और पिछले 2 दिन से ताला खुलने की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे में पीड़ित महिला ने एसपी ऑफिस जाकर पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है और एक शिकायती आवेदन भी दिया है। पुलिस ने अधिकारी ने कार्रवाई करने की बात कही है।
मामला चाहे जो भी हो पर इतना तो तय है कि लॉकडाउन में सरकार के सख्त निर्देश के बाबजूद मकान मालिक किराएदारों से किराया वसूलने से नहीं चूक रहे हैं। इस तरह के कई मामले हैं लेकिन वह उजागर नहीं हो पाते और लोगों को अपना घर-गृहस्ती का सामान बेच कर किराया चुकाना पड़ रहा है।
