डॉ हिमांशु जोशी, मनावर। धार के मनावर तहसील तहसील के गाँव अजंदीमान में नवनिर्मित मंदिर में शिव जी की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भाजपा सांसद और पूर्व विधायक में विवाद हो गया इससे बीजेपी की आंतरिक कलह खुल कर सामने आ गई है। इस तरह के झगड़ों का असर विधानसभा उपचुनाव पर पड़ना तय है। विवाद का कारण मंदिर केवल इतना था की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में सांसद छतर सिंह दरबार को को पहले बुलाना या पूर्व विधायक और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना बघेल को।
जनपद सदस्य सुरमा मोरे ने सांसद छतरसिंह दरबार को सुबह 11 बजे पूजा के लिए मंदिर में बुलवाया था । पूर्व मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना बघेल सुबह 10 बजे ही पहुँच गई यहाँ उनका जनपद सदस्य का सुरमा मोरे से विवाद हुआ। तू नेता गिरी कर रही है तेरा और मंदिर का सर्वनाश हो जाएगा।
यह बात सांसद को पता लगी तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा की यह बहुत ही आपत्तिजनक बात है। मंदिर के लिए ऐसा बोलना शर्मनाक है। सुरमा मोरे चुनी हुई जनपद सदस्य और मंडल उपाध्यक्ष है उसका अपमान पूरी पार्टी का अपमान है।
पूर्व विधायक और सांसद की टसल पुरानी
पूर्व विधायक रंजना बघेल और सांसद छतरसिंह दरबार की पहले अभी कभी पटरी नहीं बैठी । दोनों में वैचारिक मतभेद लंबे समय से चल रहे हैं। पार्टी फ़ोरम से अलग हट कर अब यह लड़ाई सड़कों पर आ गई है। दोनों सार्वजनिक रूप से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं।
खुलकर सामने आई बीजेपी की गुटबाज़ी
धार में पहले मनावर सीट को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। यहाँ पूर्व विधायक भँवर सिंह शेखावत का गुट अलग चल रहा है। अब मनावर में हुई इस तू तू मैं मैं के इस विवाद के बाद धार में चल ही गुटबाज़ी अखिल कर खुल कर सामने आ गई है।
यह पूर्व विधायक को शोभा नहीं देता
रंजना बघेल ने कहा तू नेतागीरी कर रही है इस मंदिर का सर्वनाश हो जाएगा यह शोभा नहीं देता बधेल को। यह अपमान सूरमा का नहीं पूरी भाजपा का अपमान है। – छतरसिंह दरबार, सांसद धार
सांसद का यह कृत्य ग़लत है
पार्टी विरोधी काम में शामिल लोगों को आगे बढ़ाना और मीडिया में जाकर मेरे ख़िलाफ़ बयान बाज़ी करना यह सांसद को शोभा नहीं देता – रंजना बघेल, पूर्व मंत्री
