इंदौर। टिकटॉक पर पाबंदी लगने के बाद अब आईआईएम इंदौर ने टिकटॉक के साथ काम नहीं करने का फैसला किया है। टिकटॉक पर बैन लगने के साथ ही आईआईएम इंदौर और टिकटॉक के बीच हुआ समझौता निष्क्रिय माना जाएगा। अब आईआईएम इंदौर ने नए विकल्प की तलाश शुरू कर दी है।
बता दे कि आईआईएम इंदौर और टिकटॉक के बीच जनवरी 2020 में समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत आईआईएम इंदौर और टिकटॉक मिलकर शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने वाले शॉर्ट वीडियो संदेश तैयार करने वाले थे। साथ ही आईआईएम इंदौर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए भी ज्ञानवर्धक वीडियो बनाने का समझौता हुआ था।
पिछले दिनों भारत सरकार ने टिकटॉक सहित 59 चायनीज एप पर पाबंदी लगा दी हैं। जिसके बाद आईआईएम इंदौर ने टिकटॉक के साथ काम नहीं करने का फैसला किया है। आईआईएम इंदौर के प्रो राय का कहना है कि दोनों संस्थानों ने मिलकर शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाया था। हालांकि अभी वीडियो बनाने का काम शुरू नहीं हुआ था। भारत में टिकटॉक पर बैन लगने के बाद इस समझौते को निष्क्रिय माना जाएगा।
