भोपाल। अपने दोस्त को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त करने के लिए एक शख्स ने जो काम किया उसे जानकर आप हैरान रह जाएँगे। इस शख्स ने अपने दोस्त को कुलपति नियुक्त करने के लिए सीधे राज्यपाल को ही आदेश दे दिया, वह भी गृहमंत्री अमित शाह बनकर। हालाँकि झूठ सामने आने के बाद इस शख्स और उसके दोस्त को मध्य प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी का नाम कुलदीप वाघेला है और वह एयरफोर्स में विंग कमांडर के पद तैनात है। कुलदीप ने अपने दोस्त डेंटल सर्जन डॉ. चंद्रेश कुमार शुक्ला के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। एसटीएफ के अनुसार जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति होनी थी। इस पद के लिए डॉ. चंद्रेश कुमार शुक्ला ने भी आवेदन किया था। चंद्रेश कुमार ने कुलपति बनने के लिए कुलदीप से संपर्क किया। इस दौरान दोनों में गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से पैरवी करने पर सहमती बनी।
इसके बाद चंद्रेश कुमार ने अपने मोबाइल से राजभवन फ़ोन लगाया। उन्होंने खुद को गृहमंत्री अमित शाह का पीए बताते हुए कहा कि राज्यपाल लालजी टंडन से फ़ोन कनेक्ट किया जाए, अमित शाह उनसे बात करना चाहते है। इसके बाद जैसे ही राज्यपाल फ़ोन पर आए कुलदीप वाघेला ने अमित शाह बनकर उनसे बात की। कुलदीप वाघेला ने राज्यपाल से कहा कि चंद्रेश कुमार शुक्ला ने कुलपति के लिए आवेदन दिया है। अच्छे व्यक्ति हैं। कुलपति के लिए योग्य हैं।
हालाँकि इस बातचीत के बाद राज्यपाल को शक हुआ। उन्होंने तुरंत गृहमंत्री कार्यालय से संपर्क कर फोन के बारे में जानकारी ली। तब पता चला कि गृहमंत्री कार्यालय से कोई फ़ोन नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत एसटीएफ से की। एसटीएफ ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद कुलदीप वाघेला और डॉ। चंद्रेश कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया।
