Xpose Today News
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को दिल्ली से भोपाल में कोचिंग की दूसरी ब्रांच खोलने के बहाने बुलाया और फिर किडनैप कर 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं एकेडमी का पूर्व छात्र और भोपाल में एकेडमी की फ्रेंचाइजी चलाने वाला निकला। वारदात के बाद मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन रविवार को भोपाल एम्स से पकड़ा गया। भोपाल क्राइम ब्रांच महिला की शिकायत पर मास्टर माइंड सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। महिला से लूटे गए 1 करोड़ 89 लाख रुपए भी ज़ब्त कर लिए।
दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को भोपाल के प्रियंक शर्मा ने भोपाल में एकेडमी की दूसरी ब्रांच खोलने के बहाने बुलवाया। उन्हें ताज होटल में रुकवाया। प्रियंक शर्मा एकेडमी का पूर्व छात्र है और भोपाल में एकेडमी की फ्रेंचाइजी चलाता है। उसका पूर्व में डायरेक्टर से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो चुका है। उसने पैसों की वसूली के लिए घटना को अंजाम दिया।
डायरेक्टर शुभ्रा रंजन के मुताबिक आरोपी ने भोपाल में कोचिंग की दूसरी ब्रांच खोलने और उस जगह का निरीक्षण कराने के बहाने उन्हें बुलाया। वह दिल्ली से भोपाल आई थीं। वह होटल ताज में ठहरी थीं।”
“बुधवार को आरोपी प्रियंक शर्मा उन्हें होटल से 2-3 बजे के करीब अपने साथ ले गया। इसके बाद बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बना लिया। जान से मारने की धमकी दी। कनपटी पर पिस्टल रखी। जान बख्शने के एवज में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए।”
जहां किडनैप किया वहां, सुंदरकांड का पाठ कराया
डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को जिस फ्लैट में बंधक बनाया गया था, वहां वारदात वाले दिन सोमवार को सुंदरकांड का पाठ कराया गया। जिससे कि पीड़िता शोर मचाए तो आवाज बाहर तक न पहुंचे।फ्लैट के एक कमरे में उन्हें 4 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया। पैसे मिलने के बाद बुधवार रात को उनकी रिहाई हुई। जैसे ही वह बदमाशों के चंगुल से छूटीं वैसे ही क्राइम ब्रांच पहुंच गई। पुलिस ने सभी खातों में रकम होल्ड करा दी है,।
विदेश भागने की तैयारी थी, एम्स में भर्ती हुआ क्राइम ब्रांच ने उठा लिया।
मुख्य आरोपी और मास्टर माइंड प्रियंक वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। इसके लिए वह कई एजेंट्स के संपर्क में था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। उसके रिश्तेदारों की निगरानी शुरू की। गिरफ्तारी के डर से वह एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया।
क्राइम ब्रांच को भनक लगते ही टीम ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों को पकड़ा लूटे गए 1 करोड़ 89 लाख रुपए
मुख्य आरोपी प्रियंक की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर भोपाल
