भोपाल। भोपाल में एम्स के डॉक्टरों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस घटना में पुरुष डॉक्टर का हाथ फ़ैक्चर हो गया है जबकि महिला डॉक्टर को भी चोंट आई है। इस सम्बंध में पीड़ितों ने जब बाग़सेवनिया थाने में शिकायत की तो उसे नज़रंदाज़ कर दिया। हालाँकि पीड़ितों का कहना है कि स्थानीय सीएसपी अधिकारी ने दोषी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ चौबीस घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
जानलेवा कोरोना महामारी से आमजनों को सुरक्षित करने के लिए जहां चारों तरफ़ पुलिसकर्मियों की तारीफ़ हो रही है। वहीँ भोपाल में पुलिस का दूसरा चेहरा सामने आया है। यहां डॉक्टर युवराज अपनी साथी डॉक्टर ऋतुपर्णा के साथ बुधवार शाम साढ़े छह बजे एम्स से ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। एम्स के पीछे ही कुछ पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोककर बदतमीजी शुरू कर दी।
यही नहीं दोनों जब डॉक्टरों ने पुलिस को अपना आईडी कार्ड दिखाया और एम्स से लौटने का हवाला दिया तो पुलिसकर्मियों ने इन्हें ही कोरोना वायरस फ़ैलाने का जिम्मेदार बताते हुए इनकी पिटाई कर दी। पुलिस की पिटाई से डॉक्टर युवराज का हाथ में फ़ैक्चर हुआ है तो वहीं महिला डॉक्टर को भी चोट आई है। पीड़ितों का कहना है कि स्थानीय सीएसपी अधिकारी ने दोषी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ चौबीस घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
