खंडवा। गुजरात के रहने वाले 25 से 30 लोग लॉकडाउन के कारण खंडवा में फंसे हुए हैं। यह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खंडवा आए थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण ना शादी हो सकी और ना ही यह लोग अपने घर जा पाए। अब इन लोगों के सामने रहने और खाने का संकट मंडराने लगा हैं। सभी लोग वापस अपने घर जाना चाहते हैं। यह लोग अब गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीँ दूल्हा भी कह रहा है कि दुल्हन मैं बाद में ले आऊंगा लेकिन मेहमानों को उनके घर भेजने का इंतजाम किया जाए।
दरअसल खंडवा के खेड़ापति हनुमान मंदिर क्षेत्र में रहने वाले जावेद खान का निकाह भोपाल में 25 मार्च को होना था। शादी के शामिल होने के लिए 21 मार्च को गुजरात और महाराष्ट्र से मेहमान खंडवा आ गए थे। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाउन का ऐलान कर दिया। ऐसे में शादी की सारी तैयारी धरी की धरी रह गई। 25 मार्च को भोपाल में होने वाली शादी भी नहीं हो सकी और मेहमान खंडवा में ही फंस गए।
अब दूल्हा और उसका परिवार लॉकडाउन के बाद से मेहमानों की खातिरदारी करते-करते परेशान हो गया है। दूल्हे की मां का कहना है कि घर में जो था वह सब खिला दिया। मेहमानों को खिलाने के लिए कुछ भी नहीं है। वहीँ सरकार ने भी अब तक कोई मदद नहीं की है।
दूसरी तरफ गुजरात से आए मेहमान भी अब परेशान होकर अपने घर वापस जाना चाहते हैं। मेहमानों ने अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से गुहार लगाई है कि उन्हें यहाँ से निकाल कर उन्हें अपने घर भेज दे। गुजरात से आए मेहमान गुलाम खान का कहना हैं कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन से गुजरात जाने की परमिशन मांगी थी लेकिन उन्हें परमिशन नहीं मिली। ऐसे में वे अपने प्रदेश के मुखिया से मदद मांग रहे हैं।
वहीँ दूल्हा जावेद खुद सरकारी अफसरों से संपर्क कर यहां फंसे मेहमानों को घर पहुंचने की फरियाद कर चुका है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। अब जावेद के परिवार के पास भी अपने मेहमानों को खिलाने के लाले पड़ गए हैं। जावेद का कहना हैं कि दुल्हन तो मैं बाद में भी ले आऊंगा लेकिन अभी इन मेहमानों को उनके घर पहुंचने में शासन उसकी मदद कर दें।
इस सब के बीच जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना हैं कि कोरोना के चलते वे उन्हें गुजरात जाने की परमिशन नहीं दे सकते। लेकिन उनके लिए खाने की व्यवस्था कर सकते हैं।
फिलहाल यहाँ शादी में आकर फंसे मेहमान अपने अपने घर जाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे है। अब देखना होगा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रूपाणी क्या इन लोगों के लिए शिवराज सरकार से इंतजाम करवाने में सफल होंगे।
