इंदौर। इंदौर में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों के ठीक होकर घर लौटने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात को 31 मरीजों को ठीक होने पर अरबिंदो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया,जबकि शनिवार सुबह चार मरीज इंदौर के एमआरटीबी अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। सभी मरीजों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि इंदौर में कोरोना मरीज़ों के उपचार की उम्दा व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। आज अरबिंदो हास्पिटल से एक साथ 31 मरीज़ों को स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किया गया। सुबह एमआरटीबी हॉस्पिटल से चार मरीज डिस्चार्ज किये गये। अरविन्दो अस्पताल से जो मरीज डिस्चार्ज हुए उनमें आरिफ खान, अब्दुल रशीद, धर्मेश, फैजान खान, मो. युनूस, मो. तारिफ खान, देवेन्द्र हीरालाल, जमील अहमद, जीनत सरफराज, मो. मोइनुद्दीन, मो. इलियाज, मुमताज, नफीस खान, निर्मला वालेचा, शबीना बानो, सेजल गुप्ता, तंजीम खान, उज्मा नागोरी, विजय मारोठिया, युवराज जैन, इम्तियाज इब्राहिम, प्रेमलाल, शुभंकर, तबस्सुम बी, तबस्सुम बी अमजद, दुर्गेश नाईक, फैज मोहम्मद, गीता सिंह, हीना सरफराज, मस्त मूसा तथा मो. शाहिद शामिल हैं।
आज स्वस्थ होकर अपने घर को लौट रही तंजीम खान ने बहुत ही मार्मिक अपील करते हुए लोगों से कहा कि मजाक मत समझो, प्लीज घरों में रहो, शासन-प्रशासन जो कह रहा है उसे मानो। परिवार के साथ रहो, परिवार के साथ रहेंगे तो दुनिया बहुत खुबसूरत होगी। उसने बताया कि वह आज कोरोना को परास्त कर घर को लौट रही है, फिर भी उसे पूर्ण खुशी नहीं है क्योंकि उसकी 9 साल की बच्ची अभी भी अस्पताल में कोरोना का इलाज ले रही है। उसने सभी से कहा कि उसकी बच्ची की सलामती के लिये दुआएं करें। तंजीम खान ने बताया कि सबसे पहले उसके पति को कोरोना का पता चला। इसके बाद कुल 17 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये, जिसमें से 14 लोग स्वस्थ होकर आज घर जा रहे हैं।
उजमा नागोरी जो कि रानीपुरा की रहने वाली है, वह भी आज स्वस्थ होकर घर को लौट गई है। उसने कहा कि वह 17 दिन से हॉस्पिटल में थी। सबने बहुत सहयोग किया। उम्दा इलाज किया। इसके फलस्वरूप मैं स्वस्थ हो गई हूं। उसने सभी से अपील की कि अपना ध्यान रखें और घरों में ही रहें।
वहीँ रानीपुरा के रहने वाले जमील अहमद अंसारी का कहना है कि बीमारी को छुपाओ मत, समझो और इलाज कराओ, स्वस्थ हो जाओगे। उसने बताया कि उसे कोरोना के लक्षण दिखायी दिए तो वह स्वयं ही एमवाय अस्पताल पहुंच गया। समय पर मैंने डॉक्टरों को बता दिया। डॉक्टरों ने मेरा परीक्षण किया और सेम्पल लिया। सेम्पल की जाँच कराई। पॉजिटिव आने के पश्चात अरविंदो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बहुत मेहनत की है। उसने कहा कि जिंदगी की कीमत समझो, लॉकडाउन का पूरा पालन करो।
