इंदौर। कोरोना से निपटने के लिए शुक्रवार से इंदौर में ओला एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की गई हैं। इसके तहत 50 नई ओला कैब एम्बुलेंस की मदद से ग्रीन श्रेणी वाले अस्पतालों से यलो श्रेणी के अस्पताल में मरीजों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा इस सुविधा का उपयोग ऐसे व्यक्ति भी कर सकेंगे जो घर से अस्पताल में इलाज अथवा परामर्श के लिए जाना चाहते हैं, पर उनके पास साधन नहीं कर सकेंगे।
शुक्रवार को इंदौर के नेहरू स्टेडियम से कलेक्टर मनीष सिंह ने इस सेवा की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने सभी ओला ड्राइवर का मार्गदर्शन किया एवं उनकी सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी ड्राइवर्स को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है तथा उन्हें स्वयं की सुरक्षा तथा गाड़ी का सही सैनिटाइजेशन करने की ट्रेनिंग दी गई है। कलेक्टर ने कहा कि इससे इंदौर में एम्बुलेंस सेवा का विस्तार होगा। एम्बुलेंस की कमी नहीं रहेगी। समस्त ओला ड्राइवर भी इस सामाजिक कार्य को लेकर उत्साहित हैं।
कलेक्टर मनीष सिंह ने ओला कैब के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहा कि यह संकट का समय है। हम सबको मिलजुलकर टीम भावना से काम करना है। मरीजों के लाने-ले जाने के लिये एम्बुलेंस के रूप में ओला कैब काम करें। वे यात्रियों से अच्छा व्यवहार करें। गाड़ी को हर घंटे सेनेटाइज करें और एसी नहीं चलाये। कई बार मरीज को अस्पताल से लाना और ले जाना पड़ता है और कई बार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ता है।
बता दे कि ऐसे व्यक्ति जिन्हें किसी चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता है तथा साधन की अनुपलब्धता के कारण वे अस्पताल तक नहीं पहुंच सकते, उनके लिए ओला एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी। वे 0731-2363209 नंबर पर कॉल कर ओला एंबुलेंस बुक कर सकेंगे। ओला कैब मोबाइल एप से भी बुक होगी। ओला एंबुलेंस सुविधा के प्रभारी चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि कंट्रोल रूम के द्वारा ओला एंबुलेंस की ट्रेकिंग की जाएगी तथा अस्पताल के अतिरिक्त किसी भी अन्य स्थान के लिए ओला कैब बुक नहीं की जा सकेगी। बता दे कि ओला कैब सूरत, मुम्बई, पुणे, जबलपुर और भोपाल में एम्बुलेंस टैक्सी के रूप में काम कर रही है।
