जबलपुर। जबलपुर बटरफ्लाई 2019 सर्वे पूरा हो गया है। इस सर्वे में जबलपुर में तितलियों की 8 नई प्रजातियां सामने आई है। अब नेचर लवर्स तीन सालों तक तितलियों की संख्या खोजेंगे।
दरअसल तितलियों को लेकर कहा जाता है कि जहाँ पर तितलियों अधिक मात्र में होती है वहां पर जैव विविधता समृद्ध होती है। तितलियों जैवविविधता का सूचकांक मानी जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए जबलपुर के तितली सर्वे का आयोजन इस साल का पूरा हुआ। मानसून में सिटीजन्स फॉर नेचर संस्था द्वारा यह काम किया जाता है, जो कि 3 साल तक चलना है।
जबलपुर बटरफ्लाई 2019 सर्वे पूरा में तितलियों की 84 प्रजातियां देखने को मिली। इनकी अनुमानित संख्या लगभग 27,589 थी। पिछले साल 76 प्रजातियों की लगभग 10,960 तितलियाँ देखी गयी थीं।
इस साल अंगलेड पिररोट, लीफ ब्लू, लैसर थ्री रिंग, ब्लैक राजा, ट्राई कॉलोर पाइड फ्लैट, स्मॉल क्यूपिड, डार्क बैंड बुश ब्राउन, इंडियन क्यूपिड, कॉमन हेज ब्लू, रेड पिररोट, तव्यनिय राजा, अनोमलोस नवाब प्रजातियां मिली, जबकि पिछली बार देखी गई कॉमन वंडरार, कॉमन शार्ट सिल्वर लाइन, पेंटेड सिलिअटेड ब्लू, कॉमन सिगरेन्ट इस बार नहीं देखी गई। इस साल बघराजी, सिटी जबलपुर और नरई में सबसे ज्यादा तितलियां दिखीं।
सर्वे में कॉमन ग्रास ब्लू, स्मॉल ग्रास ब्लू और कॉमन एमिग्रान्ट प्रजातियों की तितलियाँ सबसे अधिक बार देखी गई। वहीँ 20 जुलाई से 10 अगस्त, 15 सितम्बर से 21 सितंबर और 29 अक्टूबर से 4 नवम्बर के बीच अधिक तितलियाँ देखने को मिली।
